लोकसभा चुनाव : इलाहाबाद में 40 साल बाद जीत के लिए कांग्रेस ने दिखाई ताकत, सपा का मिला साथ
इलाहाबाद सीट पर विरासत की जंग हो गई है। भाजपा ने पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के पुत्र को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने सपा के दिग्गज नेता रेवती रमण सिंह के बेटे पूर्व विधायक उज्ज्वल रमण सिंह को मैदान में उतारा है।
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कांग्रेस ने इस बार हर मतदाता तक पहुंच बनाने के लिए पूरी ताकत दिखाई। इसमें उसे समाजवादी पार्टी का भी पूरा साथ मिला। यहां तक कि प्रचार के आखिरी दिन सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज तथा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने यमुनापार में सभाएं करके उज्ज्वल रमण सिंह के लिए वोट मांगे।
इलाहाबाद सीट पर विरासत की जंग हो गई है। भाजपा ने पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के पुत्र को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने सपा के दिग्गज नेता रेवती रमण सिंह के बेटे पूर्व विधायक उज्ज्वल रमण सिंह को मैदान में उतारा है। उज्ज्वल को टिकट दिए जाने की घोषणा के बाद से ही तय हो गया था कि भाजपा के लिए हैट्रिक की राह आसान नहीं होने जा रही। वहीं, कांग्रेस को भी 1984 के बाद इलाहाबाद सीट पर जीत की उम्मीद जगी है।
इस उम्मीद को जीत में बदलने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले एक सप्ताह में कई दिग्गज नेताओं ने प्रचार अभियान को गति दी। कांग्रेस के राहुल गांधी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त सभा की। इस सभा में उमड़ी भीड़ से कांग्रेस समर्थकों में उत्साह भी दिखा।
जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय, प्रदेश प्रभारी राजेश तिवारी समेत अनेक नेताओं ने सभाएं कीं। खास यह कि इनकी ज्यादातर सभाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हुईं। इसी क्रम में आखिरी दिन यानि, बृहस्पतिवार को इंद्रजीत सरोज और श्याम लाल पाल ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में शंकरगढ़ और कोरांव में सभाएं कीं।