Lok Sabha Chunav : लोकसभा चुनाव में पीढ़ी परिवर्तन का फार्मूला अपना सकती है भाजपा, सर्वे में जुटा संघ
फूलपुर सीट के मौजूदा सांसद केशरी देवी पटेल के अलावा उनके पुत्र दीपक पटेल, गोल्डी पटेल, डॉ. विक्रम सिंह पटेल, कुमार नारायण के नाम दावेदारों में प्रमुखता से शामिल हैं। इन नेताओं के होर्डिंग, पोस्टर भी लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ाकर भाजपा की कोशिश हर वर्ग से नेतृत्व उभारने की है।
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हाल के विधान सभा चुनावों में युवा नेताओं के हाथों में कमान सौंपने वाली भाजपा अब लोकसभा चुनाव में नए चेहरों को तरजीह देकर पीढ़ी परिवर्तन का फार्मूला अपना सकती है। इसका असर प्रयागराज की दोनों लोकसभा सीटों पर पड़ सकता है। अंदरखाने नए चेहरों के उभार पर पार्टी ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रांतीय, केंद्रीय संगठन के साथ ही संघ परिवार की ओर से भी सर्वे कराया गया है।
इस महीने के अंतर में कानपुर में होने वाली बैठक में दावेदारों के नाम पर मुहर लग सकती है। फिलहाल फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीटों पर बेदाग छवि वाले नेताओं को उम्मीदवार बनाने की तैयारी है। जबकि, सीटिंग कंडीडेट भी टिकट बचाने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।
पार्टी के रणनीतिकारों के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए नए चेहरों पर दांव लगाने के सियासी समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि पार्टी इस रणनीति इसके सहारे वंशवाद पर तो प्रहार करेगी ही, नए चेहरों को अवसर देकर नया नेतृत्व भी उभारेगी।
फिलहाल इलाहाबाद सीट से औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी के अलावा महापौर गणेश केशरवानी, डॉ. रीता जोशी, हरिकृष्ण शुक्ल, रईस चंद्र शुक्ल, योगेश शुक्ल, पंकज जायसवाल, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, डॉ. एलएल ओझा, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्र, राकेश शुक्ल और संगमलाल मिश्र के नाम दावेदारी की दौड़ में शामिल हैं।
इसी तरह फूलपुर सीट के मौजूदा सांसद केशरी देवी पटेल के अलावा उनके पुत्र दीपक पटेल, गोल्डी पटेल, डॉ. विक्रम सिंह पटेल, कुमार नारायण के नाम दावेदारों में प्रमुखता से शामिल हैं। इन नेताओं के होर्डिंग, पोस्टर भी लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ाकर भाजपा की कोशिश हर वर्ग से नेतृत्व उभारने की है।
इस तरह भाजपा भविष्य के लिए नई लीडरशिप को खड़ी करने के लिए पुराने दिग्गज नेताओं की जगह नए चेहरों को तवज्जो दे सकती है। इसके लिए काशी और गोरक्ष प्रांत की बैठक कानपुर में 28-29 फरवरी को प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन के साथ ही विचार परिवार के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। इसमें काशी और गोरक्ष प्रांत के दावेदारों के नाम पर मुहर लग सकती है।