फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Lo ... do it , preparing Seepimti

लो... फिर करो, सीपीएमटी की तैयारी

Sat, 21 May 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 21 May 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
Lo ... do it , preparing Seepimti
प्रतीकात्मक फोटो
 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई दिनों से नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) की तैयारी करने वालों को शुक्रवार को फिर झटका लगा। कैबिनेट के फैसले के बाद इसको लेकर चल रही उठापटक समाप्त हो गई। अब यूपी के छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सीपीएमटी की तैयारी करनी होगी। सीपीएमटी के जरिए ही एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन


नीट होने को लेकर छात्र लगातार उहापोह की स्थिति में थे। आखिर उन्हें किस पैटर्न से परीक्षा देनी होगी। उनके मन में तमाम चिंताएं फैली हुईं थीं, हालांकि अच्छी बात यह थी कि उन्हें कई परीक्षाओं की बजाय देश भर के लिए एक ही परीक्षा देनी पड़ती, लेकिन केंद्र सरकार ने देश भर के छात्रों में होने वाली भाषागत समस्या को देखते हुए नीट को एक साल के लिए टाल दिया है। इसके चलते प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सरकार को सीपीएमटी-2016 करवाना ही होगा। प्रदेश सरकार ने इस बार सीपीएमटी-2016 कराने की जिम्मेदारी डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद को सौंपी थी, अगर नीट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आता तो 17 मई को सीपीएमटी-2016 हो भी जाता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते यह मामला लटका रहा।
विज्ञापन


केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब सीपीएमटी कराने के लिए फैजाबाद विवि को फिर से नई तिथि घोषित करनी होगी। इसी के साथ होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अलग से होने वाली प्रवेश परीक्षा पर भी विराम लग गया है। अब इन चिकित्सा विधाओं के कॉलेजों में भी इसी परीक्षा के जरिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्रदेश में एलोपैथिक के 12, होम्योपैथिक के सात, आयुर्वेदिक के सात (फिलहाल दो की मान्यता) और यूनानी के दो मेडिकल कॉलेज हैं, जिनके लिए सीपीएमटी कराई जाती है। राजकीय पीजी कॉलेज हंडिया के असिस्टेंट प्रोफेसर एके वर्मा कहते हैं कि तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी किताबें दोहरानी शुरू कर देनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed