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Prayagraj : लेखपालों ने शिकायतकर्ता से कहा- अगर मकान बनाना है तो देने होंगे दो लाख रुपये
Sat, 28 Feb 2026 12:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:48 PM IST
सार
सोरांव तहसील क्षेत्र में मकान निर्माण न रोकने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत के साथ लेखपालों की गिरफ्तारी के मामले में एंटी करप्शन की टीम की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं।
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घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार लेखपाल जूही मिश्रा और राजशेखर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सोरांव तहसील क्षेत्र में मकान निर्माण न रोकने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत के साथ लेखपालों की गिरफ्तारी के मामले में एंटी करप्शन की टीम की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पता चला है कि लेखपालों ने शिकायतकर्ता से कहा था कि अगर मकान बनवाना है तो दो लाख रुपये देने होंगे। रुपये नहीं मिले तो मकान नहीं बनने दिया जाएगा।
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शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों लेखपाल राजशेखर सिंह और जूही मिश्रा को जेल भेज दिया गया। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने बताया कि वह नवाबगंज मलाक हरहर उपरहार गांव सुमेरी का पुरा में अपने नाना के घर में रहते हैं।
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उक्त मकान काफी जर्जर होने से नानी जनवरी 2026 में इसे गिरवाकर पक्के मकान का निर्माण कराने लगीं। आरोप लगाया कि 15 फरवरी को लेखपाल राजशेखर ने घर आकर कहा कि मकान अवैध है। उन्हें बताया गया कि मकान को करीब 50 वर्ष पहले बनवाया गया था।
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मकान बनवाने के एवज में दो लाख रुपये मांगने पर जब देने से इन्कार कर दिया तो कहा गया कि अपने मकान का निर्माण बंद करा दो। आरोप है कि डेढ़ लाख रुपये में डील हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पहले एक लाख रुपये देने की बात कहकर बाद में 50 हजार रुपये और देने की बात कही। मामला एंटी करप्शन टीम के पास पहुंचा तो ट्रैप लगाया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जैसे ही 500-500 रुपये के 200 नोट रिश्वत के तौर पर दिए, टीम ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।