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छात्रसंघ न छात्र परिषद, इविवि में नेतृत्व का संकट
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Leadership crisis in Allahabad University
- फोटो : CITY DESK
मौजूदा सत्र के लिए जिम्मेदारी चाहते हैं निवर्तमान पदाधिकारी
सत्र खाली न रह जाए, इसके लिए इविवि प्रशासन को देंगे ज्ञापन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में न तो छात्रसंघ बचा और न ही छात्र परिषद का गठन हो सका। ऐसे में छात्रों के लिए नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है। छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में जेल गए छात्रसंघ के कई निवर्तमान पदाधिकारी और अन्य छात्र नेता रिहा हो चुके है। निवर्तमान पदाधिकारी मांग कर रहे हैं कि नए छात्रसंघ का गठन होने तक उन्हीं को छात्रा के नेतृत्व का जिम्मा सौंपा जाए। इस मसले पर छात्र नेता जल्द ही इविवि प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपेंगे। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में वर्ष 2005 के बाद वाली स्थिति हो गई है, जब विश्वविद्यालय में छह साल तक छात्रसंघ का गठन नहीं हो सका था। इविवि प्रशासन ने इस बार छात्रसंघ को समाप्त करते हुए छात्र परिषद के गठन का निर्णय लिया लेकिन, छात्रों ने इसका बहिष्कार कर दिया और इविवि में छात्र परिषद का गठन भी नहीं हो सका। ऐसे में यह सत्र खाली ही बीत जाएगा। सवाल उठ रहे हैं कि इविवि में तमाम समस्याओं से जूझ रहे छात्र-छात्राओं की आवाज कौन उठाएगा।
छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार यादव और निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव का कहना है कि जल्द ही छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी और इसके बाद इविवि प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की जाएगी कि विश्वविद्यालय में नए छात्रसंघ के गठन तक निवर्तमान पदाधिकारियों को ही छात्रों के नेतृत्व का मौका दिया जाएगा। फिलहाल छात्रसंघ का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और छात्रसंघ भवन पर भी इविवि प्रशासन का ताला लगा हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में इविवि प्रशासन और छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
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एसएसपी से मिले छात्र, दिया ज्ञापन
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में जेल गए छात्र नेता बहाली के बाद मंगलवार को एसएसपी से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ बहाली के लिए 48 तक क्रमिक अनशन और आठ दिन आमरण अनशन किया गया। पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। इसके बाद छात्रों ने शांति मार्च निकाला। छात्रों का आरोप है कि इविवि प्रशासन ने साजिश के तहत गाड़ियों में तोड़फोड़ कराई और इसके ठीकरा छात्र नेताओं के सिर फोड़ दिया गया। पुलिस ने भी छात्रों को पकड़कर सीधे जेल भेज दिया। छात्र नेताओं ने एसएसपी से मांग की कि विवेचना के दौरान इन तथ्यों को ध्यान में रखकर दोषियों पर कार्रवाई करें और निर्दोष छात्रों को दोषमुक्त करें। ज्ञापन देने वालों में दिनेश यादव, अवनीश यादव, अदील हमजा, शिवम सिंह, अतेंद्र सिंह, अहमर इलियास, अदनान, सत्यम कुशवाहा, विशाल सिंह, राहुल पटेल, हरिकेश आदि शामिल रहे।
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सत्र खाली न रह जाए, इसके लिए इविवि प्रशासन को देंगे ज्ञापन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में न तो छात्रसंघ बचा और न ही छात्र परिषद का गठन हो सका। ऐसे में छात्रों के लिए नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है। छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में जेल गए छात्रसंघ के कई निवर्तमान पदाधिकारी और अन्य छात्र नेता रिहा हो चुके है। निवर्तमान पदाधिकारी मांग कर रहे हैं कि नए छात्रसंघ का गठन होने तक उन्हीं को छात्रा के नेतृत्व का जिम्मा सौंपा जाए। इस मसले पर छात्र नेता जल्द ही इविवि प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपेंगे। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में वर्ष 2005 के बाद वाली स्थिति हो गई है, जब विश्वविद्यालय में छह साल तक छात्रसंघ का गठन नहीं हो सका था। इविवि प्रशासन ने इस बार छात्रसंघ को समाप्त करते हुए छात्र परिषद के गठन का निर्णय लिया लेकिन, छात्रों ने इसका बहिष्कार कर दिया और इविवि में छात्र परिषद का गठन भी नहीं हो सका। ऐसे में यह सत्र खाली ही बीत जाएगा। सवाल उठ रहे हैं कि इविवि में तमाम समस्याओं से जूझ रहे छात्र-छात्राओं की आवाज कौन उठाएगा।
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छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार यादव और निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव का कहना है कि जल्द ही छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी और इसके बाद इविवि प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की जाएगी कि विश्वविद्यालय में नए छात्रसंघ के गठन तक निवर्तमान पदाधिकारियों को ही छात्रों के नेतृत्व का मौका दिया जाएगा। फिलहाल छात्रसंघ का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और छात्रसंघ भवन पर भी इविवि प्रशासन का ताला लगा हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में इविवि प्रशासन और छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
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एसएसपी से मिले छात्र, दिया ज्ञापन
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में जेल गए छात्र नेता बहाली के बाद मंगलवार को एसएसपी से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ बहाली के लिए 48 तक क्रमिक अनशन और आठ दिन आमरण अनशन किया गया। पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। इसके बाद छात्रों ने शांति मार्च निकाला। छात्रों का आरोप है कि इविवि प्रशासन ने साजिश के तहत गाड़ियों में तोड़फोड़ कराई और इसके ठीकरा छात्र नेताओं के सिर फोड़ दिया गया। पुलिस ने भी छात्रों को पकड़कर सीधे जेल भेज दिया। छात्र नेताओं ने एसएसपी से मांग की कि विवेचना के दौरान इन तथ्यों को ध्यान में रखकर दोषियों पर कार्रवाई करें और निर्दोष छात्रों को दोषमुक्त करें। ज्ञापन देने वालों में दिनेश यादव, अवनीश यादव, अदील हमजा, शिवम सिंह, अतेंद्र सिंह, अहमर इलियास, अदनान, सत्यम कुशवाहा, विशाल सिंह, राहुल पटेल, हरिकेश आदि शामिल रहे।