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लौटन निषाद हत्याकांडः हत्यारोपियों का आपराधिक इतिहास, कोई हिस्ट्रीशीटर तो कोई गैंगस्टर में वांटेड
Tue, 07 Apr 2020 12:16 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 07 Apr 2020 12:16 AM IST
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लौटन निषाद (फाइल फोटो)
- फोटो : prayagraj
करेली के बक्शीमोढ़ा में युवक की हत्या के मामले में नामजद कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है। कोई थाने का हिस्ट्रीशीटर है तो कोई गैंगस्टर के मामले में वांटेड चल रहा है। कुछ गोकशी के मामले में जेल भी जा चुके हैं। ग्रामीणों की माने तो इलाके में उनकी दबंगई के चर्चे आम हैं। हालांकि दहशत के चलते कोई उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में नामजद पांच आरोपी एक ही परिवार से हैं। मामले में नामजद सादिक पर करेली के साथ ही खुल्दाबाद, धूमनगंज थाने में 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और वह करेली थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी सेबू उसका बेटा है। नौशाद, जाकिर अली और नूर अख्तर सगे भाई हैं और वह सादिक के साले हैं।
बता दें कि सादिक की पत्नी रुखसाना राजू पाल हत्याकांड की गवाह भी है। पुलिस का कहना है कि नौशाद गांव का पूर्व प्रधान है और उस पर भी दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। उधर सोमवार को गिरफ्तार छठा आरोपी फारुख करीब 2 महीने पहले गोकशी के मामले में जेल भेजा गया था। वह गैंगस्टर के मामले में वांटेड भी चल रहा था। इसी तरह एक अन्य आरोपी नौशाद पुत्र गुलशेर का भी नाम गोकशी के मामले में सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और आए दिन गांव में दबंगई करते हैं। मामूली बातों पर लोगों को मारना पीटना, गालीगलौज करना उनका आए दिन का काम है।
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पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में नामजद पांच आरोपी एक ही परिवार से हैं। मामले में नामजद सादिक पर करेली के साथ ही खुल्दाबाद, धूमनगंज थाने में 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और वह करेली थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी सेबू उसका बेटा है। नौशाद, जाकिर अली और नूर अख्तर सगे भाई हैं और वह सादिक के साले हैं।
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बता दें कि सादिक की पत्नी रुखसाना राजू पाल हत्याकांड की गवाह भी है। पुलिस का कहना है कि नौशाद गांव का पूर्व प्रधान है और उस पर भी दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। उधर सोमवार को गिरफ्तार छठा आरोपी फारुख करीब 2 महीने पहले गोकशी के मामले में जेल भेजा गया था। वह गैंगस्टर के मामले में वांटेड भी चल रहा था। इसी तरह एक अन्य आरोपी नौशाद पुत्र गुलशेर का भी नाम गोकशी के मामले में सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और आए दिन गांव में दबंगई करते हैं। मामूली बातों पर लोगों को मारना पीटना, गालीगलौज करना उनका आए दिन का काम है।
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