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Fraud : 30 करोड़ की जमीन फर्जीवाड़ा कर हड़पी, एयरपोर्ट थाने में तीन के खिलाफ मुकदमा

Thu, 23 Nov 2023 01:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Nov 2023 01:01 PM IST
सार

रिपोर्ट कटहुला गौसपुर निवासी 70 वर्षीय नफीस आलम ने लिखाई है। जो वर्तमान में जीटीबी नगर, करेली में रहता है। उसने पुलिस को बताया कि कटहुला गौसपुर स्थित उसकी 30 करोड़ मूल्य की 12 बीघा जमीन को अतीक गैंग का मो.अशरफ निवासी हरवारा बेचने का प्रयास कर रहा है।

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Land worth Rs 30 crore grabbed by fraud, case against three in airport police station
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

एयरपोर्ट क्षेत्र में जाली दस्तावेज तैयार कर 30 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोप में तीन पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें प्रॉपर्टी डीलर मो.अशरफ, अनस हारून व उसकी पत्नी जहीरुन शामिल हैं। वादी का आरोप है कि प्राॅपर्टी डीलर अतीक गैंग का है, जिस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। उधर, प्रॉपर्टी डीलर ने इसे अतीक पर दर्ज कराए मुकदमे में बयान बदलने का दबाव बनाने की साजिश बताया है।

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रिपोर्ट कटहुला गौसपुर निवासी 70 वर्षीय नफीस आलम ने लिखाई है। जो वर्तमान में जीटीबी नगर, करेली में रहता है। उसने पुलिस को बताया कि कटहुला गौसपुर स्थित उसकी 30 करोड़ मूल्य की 12 बीघा जमीन को अतीक गैंग का मो.अशरफ निवासी हरवारा बेचने का प्रयास कर रहा है। उसने अपने सहयोगी अनस हारून व गैंग के अन्य सदस्यों के साथ उपनिबंधक कार्यालय प्रथम के कर्मचारियों से मिलकर जमीन का 42 वर्ष पूर्व की तिथि में कूटरचित बैनामा तैयार कराया है। यह 22.06.81 को सबरजिस्ट्रार कार्यालय प्रथम के कार्यालय में पंजीकृत किया गया है। बैनामे से संबंधित दस्तावेज भी कार्यालय से गायब हैं।
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आरोप यह भी है कि फर्जी बैनामा पत्र में उसके पिता जुनैद आलम का हस्ताक्षर उर्दू में है, जबकि उसके पिता रेलवे में मैकेनिकल इंजीनियर थे और अंग्रेजी में ही हस्ताक्षर करते थे। यह रेलवे के रिकाॅर्ड व उनके बैंक खाते समेत अन्य अभिलेखों से प्रमाणित हो सकता है। वादी का यह भी कहना है कि 1981 में उक्त आराजी के विधिक स्वामी उसके पिता नहीं बल्कि दादी शहर बानो थीं। ऐसे में साफ है कि बैनामा कूटरचना करके तैयार किया गया। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि तहरीर पर अशरफ, अनस हारून व उसकी पत्नी जहिरून समेत अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

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अतीक के मुकदमे का ट्रायल प्रभावित करने की साजिश

उधर,आरोपी प्रॉपर्टी डीलर मो.अशरफ ने इस कार्रवाई को अपने खिलाफ साजिश बताया है। उसका कहना है कि उसने अतीक व उसके शूटरों पर तीन मुकदमे दर्ज कराए हैं, जिनका ट्रायल चल रहा है। अतीक गैंग के लोग लगातार उस पर बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर फर्जी केस में फंसाने व उमेश पाल की तरह हत्या करवाने की धमकी भी देते हैं। एयरपोर्ट थाने में दर्ज कराए गए केस से उसका कोई वास्ता नहीं है। मुकदमा अतीक व उसके गैंग पर दर्ज मुकदमे का ट्रायल प्रभावित करने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया है।

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