भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर प्रदीप महरा का आलीशान बंगला पीडीए ने किया ध्वस्त
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नैनी कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर एवं टाप टेन भूमाफिया में शामिल अरैल प्रधान पुत्र एवं भाजपा नेता प्रदीप महरा शास्त्री व उसके भाई जीतू महरा के मकानों को शनिवार को ढहा दिया गया। दोनों आलीशान मकान 1500 वर्ग गज में बने थे, जिसमें 22 कमरे थे। मकानों की कीमत तीन से चार करोड़ के बीच बताई जा रही है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने वाली प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम का दावा था कि ढहाए गए मकान बिना नक्शा पास कराए बनाए गए थे।
नैनी कोतवाली क्षेत्र के अरैल बांध रोड पर शनिवार को पूर्वान्ह 11 बजे एसपी यमुनापार चक्रेश मिश्रा, आपीएस सौमेंद्र मीणा, पीडीए अधिकारी आलोक पांडेय, सत शुक्ला कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ चार जेसीबी मशीनें लेकर पहुंचे। उन्होंने अरैल ग्राम प्रधान विमला देवी के बेटे एवं पूर्व प्रधान तथा भाजपा नेता प्रदीप महरा के परिवार से घर का सामान बाहर निकलवाया।
पहले जीतू और फिर प्रदीप महरा के घर को गिराया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। लेकिन पूरा मकान नहीं गिर पाए। पीडीए अधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि प्रदीप महरा और जीतू महरा दोनों अपराधी हैं। दोनों पर हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जाने समेत कई धाराओं में मुकदमे पंजीकृत हैं। मकान का नक्शा नहीं पास था। इस संबंध में प्रदीप महरा आदि को नोटिस दिया गया था। उसी के तहत यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इसकी कीमत तीन से चार करोड़ रुपए के आसपास है।
प्रदीप महरा पर 18 व जीतू पर आठ मुकदमे दर्ज
अरैल निवासी गुलाब महरा को कच्ची शराब का माफिया माना जाता था। उसी के बेटे प्रदीप महरा और जीतू महरा पिता से चार कदम आगे निकलते हुए हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जा करने आदि के धंधों में जुट गए। दोनों भाइयों पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदीप और जीतू शुरुआत में कच्ची शराब का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर करते थे। लोगों को डराने, धमकाने के साथ जबरन जमीन हथियाने का भी धंधा इन लोगों ने शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों ने अरैल इलाके में अपना वर्चस्व कायम कर लिया।
हालांकि महरा परिवार और पप्पू गंजिया के बीच वर्ष 1990 में शुरू हुई अदावत की जंग अभी तक जारी है। इनमें गऊघाट मछली मंडी में गैंगवार भी हो चुकी है। दोनों तरफ से कई हत्याएं हो चुकी हैं। हालांकि पिछले कई सालों से दोनों के बीच किसी प्रकार का कोई टकराव सामने नहीं आया है। प्रदीप महरा के खिलाफ नैनी थाने में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, मारपीट, बलवा गुंडा एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कुल 18 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहंी जीतू महरा के खिलाफ चोरी, लूट, छिनैती, मारपीट, समेत अन्य धाराओं में कुल आठ मुकदमे पंजीकृत हैं।