कीडगंज बवाल : 11 महीने पहले भी हुआ था विवाद, दुकान पर चले थे बम
मामले में पुलिस से शिकायत की गई थी। साथ ही शक भी जताया गया था कि इस घटना में विमलेश का ही हाथ है। हालांकि पुलिस ने अज्ञात में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया।
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विधायक के बहनोई संदीप उर्फ भोले व उसके भाई पर फायरिंग का आरोप जिस निलंबित सिपाही पर लगा है, उससे उनका 11 महीने पहले भी विवाद हुआ था। तब उनकी दुकान पर बाइक सवार बदमाशों ने बम चलाकर सनसनी फैला दी थी। भुक्तभोगी ने तब भी शक जताया था लेकिन कीडगंज पुलिस ने अज्ञात में हत्या का प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा। हालांकि यह भी दावा किया था कि मामले में आबकारी सिपाही की संलिप्तता नहीं मिली।
विमलेश भुक्तभोगी के मकान के ठीक पीछे किराये पर रहता था। परिजनों का आरोप है कि वह आए दिन दबंगई करता था। भुक्तभोगी संदीप के बेटे स्पर्श ने बताया कि इसी साल 23 जनवरी को भी उसके पिता पर हमला हुआ था। घटना तब हुई थी जब वह दुकान पर ही बैठे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर बमबाजी की थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। इस घटना से कुछ दिन पहले ही विमलेश से उसके पिता का विवाद हुआ था।
मामले में पुलिस से शिकायत की गई थी। साथ ही शक भी जताया गया था कि इस घटना में विमलेश का ही हाथ है। हालांकि पुलिस ने अज्ञात में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में विवेचना के बाद पुलिस ने मुकेश व राहुल नाम के दो बदमाशों को जेल भेजा था, जो कीडगंज में किराये पर रहते थे। हालांकि कीडगंज पुलिस का दावा था कि घटना में निलंबित सिपाही की कोई भूमिका नहीं मिली।
सहकर्मी से छेड़खानी में हुआ था निलंबित
पुलिस सूत्रों का कहना है कि विमलेश मूल रूप से करछना का रहने वाला है। आबकारी विभाग में वह वाराणसी में तैनात था और इसी दौरान उसे महिला सिपाही से छेड़खानी कर दी थी। तब से वह निलंबित चल रहा है। इसके बाद से ही वह कीडगंज में किराये के मकान में रहने लगा था। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंंह का कहना है कि उसके नाम कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि उसने अवैध असलहे से फायरिंग की।
घूम-घूमकर करता था गुंडई, पूरे मोहल्ले को करता था परेशान
निलंबित सिपाही की दबंगई से न सिर्फ भुक्तभोगी बल्कि पूरा मोहल्ला परेशान था। घटना के बाद उनका आक्रोश फूटने का एक बड़ा कारण यह भी था। मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने पुलिस अफसरों से बताया कि वह घूम-घूम कर मोहल्ले में गुंडई करता था। आए दिन लोगों से मारपीट करता था। भुक्तभोगी संदीप की दुकान के ठीक सामने स्थित मकान में ही वह अपने साथियों संग बैठकर खुलेआम शराब पीता था और देर रात तक गालीगलौज करता रहता था। किसी ने विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो जाता था। इसी बात का संदीप विरोध करते थे, जिस पर वह उनसे रंजिश रखने लगा था।
प्रतापगढ़ का है नारायण, रामजी स्थानीय निवासी
दो भाइयों के अलावा वारदात में घायल नारायण मूल रूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वह कीडगंज में किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। उधर एक अन्य घायल रामजी कीडगंज का ही रहने वाला है और वह कबाड़ का धंधा करता है। अस्पताल में भर्ती नारायण ने बताया कि वह सामान लेने निकला था जिसके बाद वापस कमरे पर जा रहा था।रामजी ने बताया कि वह दुकान पर बैठा था। तभी अचानक असलहों से लैस दो बदमाश पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी।
हमलावरों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद
परिजनों ने मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों को बताया कि हमलावरों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद है। दरअसल भुक्तभोगी की दुकान पर कुल तीन कैमरे लगे हैं। इन कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज भी देखा जा रहा है।
बेशकीमती मकान पर थी नजर, कब्जा करना चाहता था आरोपी
कीडगंज में फायरिंग के आरोपी विमलेश पांडेय की नजर उस बेशकीमती मकान पर थी, जिसके ठीक सामने भुक्तभोगी की दुकान थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह इस पर कब्जा करना चाहता था। यही वजह थी कि वह यहां रोज अड्डेबाजी करता था। वह लोगों से इसे अपना कार्यालय बताता था लेकिन वास्तव में यहां रोजाना शराब की पार्टी होती थी।
कीडगंज में बीच वाली सड़क पर रामजानकी मंदिर के ठीक बगल में यह दो मंजिला मकान स्थित है। इसके ठीक सामने भुक्तभोगी संदीप की दुकान है। यह मकान संदीप के एक रिश्तेदार का है जो सतना में रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान मालिक ने यहां लाली नाम के एक हेयर कटिंग सैलून चलाने वाले शख्स को कई साल पहले किराये पर रखा था। उसने न सिर्फ यहां कुछ अन्य लोगों को किराये पर रख लिया बल्कि रोजाना निलंबित सिपाही विमलेश को भी बैठाने लगा।
आरोप है कि रोजाना यहां भूतल पर बने कमरे में शराब की पार्टी होती है। संदीप के परिजनों का आरोप है कि विमलेश और उसके साथी रोजाना शराब पीने के बाद देर रात तक गालीगलौज करते रहते थे। इसी बात का विरोध संदीप किया करते थे, जिसे लेकर वह उनसे रंजिश रखने लगा था। कीडगंज पुलिस का कहना है कि इस संबंध में फिलहाल कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है।