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कुंभ मेला : रेल यात्रियों की संख्या पर कैग ने उठाए सवाल
Mon, 28 Sep 2020 10:04 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 28 Sep 2020 10:04 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पिछले वर्ष लगे कुंभ मेले के दौरान रेलवे द्वारा पेश किए गए यात्रियों की संख्या के आंकड़े पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने सवाल खड़े किए हैं। कैग ने पिछले वर्ष 49 दिन के कुंभ मेले में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या और टिकट बिक्री के आंकड़े में तकरीबन 40 लाख के अंतर पर हैरानी जताई है। कैग के सवाल का जवाब प्रयागराज मंडल ने उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को भेज दिया है।
पिछले वर्ष लगे कुंभ मेले के दौरान रेलवे द्वारा ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की कुल संख्या पर कैग ने भारी विसंगति पाई है। रेलवे के आंतरिक ऑडिट में 73.66 लाख यात्रियों द्वारा सफर करना बताया गया, जबकि मेले में 31.21 लाख टिकट की ही बिक्री रेलवे द्वारा की गई। यह बिक्री 15 जनवरी से चार मार्च के बीच की दर्शाई गई है।
लेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि विशेष ट्रेनें चलाने, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से संबंधित कार्य, चिकित्सा सुविधा, स्टेशन परिसर में अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दों को रेलवे द्वारा पर्याप्त रूप से संचालित नहीं किया गया था। इस वजह से कुंभ मेले के लिए आने वाले यात्रियों को असुविधा हुई। कैग की इस रिपोर्ट पर मंडल रेल प्रबंधक अमिताभ ने कहा कि ऑडिट को लेकर जो सवाल सामने आए, उसका जवाब उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को भेज दिया गया है। अब मुख्यालय स्तर से ही उसका जवाब भेजा जाना है।
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पिछले वर्ष लगे कुंभ मेले के दौरान रेलवे द्वारा ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की कुल संख्या पर कैग ने भारी विसंगति पाई है। रेलवे के आंतरिक ऑडिट में 73.66 लाख यात्रियों द्वारा सफर करना बताया गया, जबकि मेले में 31.21 लाख टिकट की ही बिक्री रेलवे द्वारा की गई। यह बिक्री 15 जनवरी से चार मार्च के बीच की दर्शाई गई है।
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लेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि विशेष ट्रेनें चलाने, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से संबंधित कार्य, चिकित्सा सुविधा, स्टेशन परिसर में अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दों को रेलवे द्वारा पर्याप्त रूप से संचालित नहीं किया गया था। इस वजह से कुंभ मेले के लिए आने वाले यात्रियों को असुविधा हुई। कैग की इस रिपोर्ट पर मंडल रेल प्रबंधक अमिताभ ने कहा कि ऑडिट को लेकर जो सवाल सामने आए, उसका जवाब उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को भेज दिया गया है। अब मुख्यालय स्तर से ही उसका जवाब भेजा जाना है।
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कुंभ के दौरान रेलवे ने चलाईं थीं 1068 स्पेशल ट्रेनें
कैग की ऑडिट रिपोर्ट पर रेलवे की ओर से कहा गया है कि कुंभ के दौरान यात्री सुरक्षा ही हमारा मुख्य फोकस रहा। वर्ष 2013 में कुंभ मेले के मौनी अमावस्या स्नान के दिन जंक्शन पर मची भगदड़ की पुनरावृत्ति न हो, इसी वजह से वर्ष 2019 के कुंभ में आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर रहा। हमारा मकसद कमाई नहीं, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचना था। कुंभ मेले के दौरान उत्तर मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर रेलवे द्वारा संचालित ट्रेनों का नोडल उत्तर मध्य रेलवे को बनाया गया था। इस दौरान रेलवे द्वारा कुल 1068 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इसमें 481 ट्रेनें प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों पर्र आइं तो 587 ट्रेनें यहां से चलाई गईं। इसके अलावा 160 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव भी किया।- ऑडिट रिपोर्ट में सिर्फ प्रयागराज से शुरू होने वाली ट्रेनों के ही आंकड़े हैं, जबकि यहां के विभिन्न स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों के टिकट की बिक्री का आंकड़ा उसमें शामिल नहीं है। इसी वजह से यह अंतर आया। फिलहाल कैग को एनसीआर की ओर से जवाब भेज दिया गया है। - राजीव चौधरी, महाप्रबंधक, एनसीआर।