{"_id":"5c03ea87bdec22417e3008c5","slug":"kumbh-construction-of-vip-tent-city-in-arale","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ के लिए अरैल में वीआईपी टेंट सिटी का निर्माण आरंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ के लिए अरैल में वीआईपी टेंट सिटी का निर्माण आरंभ
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sun, 02 Dec 2018 07:51 PM IST
विज्ञापन
टेंट सिटी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंभ में नगा साधुओं, महामंडलेश्वरों के जमावड़े के बीच आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। गंगा पार संगम के सामने अरैल में टेंट सिटी के निर्माण का काम आरंभ हो गया है।
विज्ञापन
गंगा किनारे सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में टेंट सिटी के रूप में एक नई दुनिया आकार लेने जा रही है। इसमें तीन हजार स्विस कॉटेज और 1200 डारमेट्री बनाई जाएगी। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक-सांस्कृतिक आयोजन के तौर पर लगने वाले इस कुंभ में प्रवास के लिए सात समंदर पार से सैलानियों ने बुकिंग करानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
संगम तट पर अरैल में इस टेंट सिटी के जरिए पर्यटन विभाग देश-दुनिया में कुंभ की ब्रांडिंग करेगा। संगम तट पर स्नान, ध्यान के साथ योग यज्ञ और भारतीय नृत्य-संगीत से इस टेंट सिटी में विश्व समुदाय के लोग परिचित हो सकेंगे। यहां बुक फेयर भी लगेगा और कला ग्राम भी सजेगा।
विज्ञापन
कला ग्राम में देश के हर राज्य, हर कोने के हस्त शिल्प से लेकर जरदोजी, बुनकरी, काष्ठ कलाकारी, जूट आर्ट का गुलदस्ता पेश किया जाएगा। चार कंपनियां मिलकर 3000 स्विस कॉटेज संगम की रेती पर लगाएंगी। इन कंपनियों में गुजरात की गांधी इंटरप्राइजेज, लाभ डेकोरेटर के अलावा दिल्ली की हितकारी प्रोडक्शन कंपनी और लखनऊ की आगमन इंटर प्राइजेज शामिल हैं।
इसके अलावा लल्लू जी ब्रदर्स और लल्लूजी एंड संस को यमुना ब्रिज के नीचे डारमेट्री लगाने का जिम्मा दिया गया है। कुल 1200 डारमेट्री का निर्माण होगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि टेंट सिटी के निर्माण में सरकार अपना पैसा नहीं लगा रही बल्कि कंपनियां पैसा लगा रही हैं। उन कंपनियों की रकम से ही टेंट सिटी में बिजली, पानी जैसे संसाधनों की उपलब्धता कराई जाएगी।