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कुंभ की भव्यता की यूरोप में भी चर्चा, यूरोपियन जीवनशैली का हिस्सा बन रहा योग और आध्यात्म
Thu, 24 Jan 2019 06:45 PM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Thu, 24 Jan 2019 06:45 PM IST
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कुंभ मेले की भव्यता की चर्चा यूरोप में भी खूब हो रही है। इतने बड़े आयोजन को करीब से देखने की उत्सुकता कुंभ की ओर खींच रही है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में यूरोप के देशों के नागरिक मेला देखने, आध्यात्म और योग की जानकारी लेने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इन्हीं में से एक स्पेन के मजोरका शहर से कुंभ में आस्था की डुबकी लगाने आए योग प्रशिक्षक एलिस और शिक्षक सेबत ने बुधवार को अमर उजाला से अपने अनुभव साझा किए।
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एलिस ने बताया कि कुंभ मेला दुनिया भर के लोगों के साथ यूरोपियन के लिए भी किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं हैं। दुनिया के कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक लोगों के एक जगह जुटने और संगम में डुबकी लगाने के मौके को देखना कोई छोड़ना नहीं चाहता।
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जो लोग इस आयोजन को देखने भारत नहीं आ सके हैं, वह सोशल मीडिया के जरिए इस दुर्लभ आयोजन के साक्षी बन रहे हैं। उनके देश में सोशल मीडिया पर लॉ टोमैटीना (टमाटरों से होली खेलने का स्पेन का पारंपरिक त्योहार) से भी ज्यादा कुंभ की चर्चा है। वह कुंभ की शुरुआत से ही प्रयागराज में हैं।
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भोजन से पहले प्रार्थना
एलिस इससे पहले एक बार और भारत आ चुके हैं। इस दौरान उन्होंने योग का प्रशिक्षण लिया था। सेबत की यह पहली यात्रा है। एलिस ने बताया कि वह स्पेन में योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यूरोपियन जीवनशैली में योग शामिल हो रहा है। लोग इसके फायदों की जानकारी होने के बाद खुद को इससे जोड़ रहे हैं। तनाव रहित और फिट रखने के लिए योग का चलन बढ़ा है।
कुंभ मेला स्थित एक भोजनालय में एलिस और सेबत ने भोजन से पहले थाली सामने रख प्रार्थना की। मंत्रोच्चार और प्रार्थना के दौरान दोनों वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए। करीब पांच मिनट की प्रार्थना के बाद एलिस और सेबत ने भोजन शुरू किया। इस दौरान एलिस ने बताया कि खाना मानव शरीर के लिए शक्ति (एनर्जी) का प्रमुख स्रोत है। इसलिए भोजन से पहले शक्ति के स्रोत को नमन करने का नियम बनाया है।
कुंभ मेला स्थित एक भोजनालय में एलिस और सेबत ने भोजन से पहले थाली सामने रख प्रार्थना की। मंत्रोच्चार और प्रार्थना के दौरान दोनों वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए। करीब पांच मिनट की प्रार्थना के बाद एलिस और सेबत ने भोजन शुरू किया। इस दौरान एलिस ने बताया कि खाना मानव शरीर के लिए शक्ति (एनर्जी) का प्रमुख स्रोत है। इसलिए भोजन से पहले शक्ति के स्रोत को नमन करने का नियम बनाया है।