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कुंभ की मार्केटिंग के साथ विदेशी कंपनियों को भी न्यौता
Sun, 16 Dec 2018 02:01 AM IST
विनोद सिंह
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Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 16 Dec 2018 02:01 AM IST
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यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल कुंभ को पर्यटन के नक्शे पर लाने के साथ विदेशी कंपनियों के आमंत्रण की भी तैयारी की गई है। राजनयिकों के स्वागत के साथ शनिवार को इसकी शुरुआत हो गई। संगम की रेती पर बने भव्य पांडाल में विदेशी मेहमानों को लखनऊ में हुए इन्वेस्टर समिट की झलक दिखाई गई। साथ ही उसके बारे में बताया गया। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन सुनाया गया। इसके माध्यम से दोनों नेताओं ने राजनयिकों को कुंभ में आने का निमंत्रण किया।
कुंभ में 192 देश के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा 23 और 24 जनवरी को वाराणसी में आयोजित होने वाले सम्मेलन में शामिल प्रवासी भारतीय भी कुंभ का भ्रमण करेंगे। इससे पहले शनिवार को 70 देश के राजनयिकों ने कुंभ की भव्यता और तैयारी को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्हें वर्ष की शुरुआत में लखनऊ में हुए इन्वेस्टर समिट की क्लिप दिखाई गई। उसकी मदद से आयोजन तथा देश में निवेश के माहौल के बारे में बताया गया। इसी दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन हुआ। उन्होंने कहा, ‘यूनेस्को ने कुंभ को अमूर्त धरोहर मानते हुए इसे अपनी सूची में शामिल किया है। पूरी दुनिया के करोड़ों-लाखों लोग इस दिव्य आयोजन का हिस्सा होंगे।’
राजनयिकों ने पूछा, कहां है अदृश्य सरस्वती
सरस्वती नदी के बारे में जानने की उत्सुकता भारतीय ही नहीं, विदेशी राजनयिकों में भी है। संगम तट पर सवाल-जवाब के सत्र में अमेरिकी राजनयिक ने पूछा, ‘अदृश्य सरस्वती कहां है?’ इस पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सरस्वती नदी के इतिहास तथा अन्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कनाडा के प्रतिनिधि ने सवाल किया, ‘इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे आएंगे और सुविधाओं की जानकारी उन्हें कैसे होगी?’ इसके जवाब में कैबिनेट मंत्री ने रेल, बस आदि सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। राजनयिकों को कुंभ पर आधारित काफी टेबल बुक तथा साहित्य दिया गया। सिद्धार्थनाथ ने विदेशी मेहमानों से अपील की कि घर जाकर वे इन्हें पढ़ें जरूर। उम्मीद है इसे पढ़ने के कुंभ में पूरे परिवार के साथ आएंगे।
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केसरिया रंग में रंगे दिखे मेहमान
विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए बना पांडाल तो केसरिया रंग लिए हुए था ही, मेहमान भी उसी में दिखे। उन्हें केसरिया रंग शाल देकर सम्मानित किया गया। खास यह कि पूरे आयोजन के दौरान राजनयिकों ने शाल पर कंधे पर डाले रखी।
मेहमानों ने कहा, ‘अतुलनीय’
कुंभ की तैयारियों को देख तथा बच्चों के स्वागत से विदेशी मेहमान अभिभूत दिखे। एकलव्य चौराहा से बालसन तक सड़क दोनों तरफ खड़े बच्चों ने उनके देश के झंडे लहराकर स्वागत किया तो राजनयिक भी लगातार हाथ हिलाकर लगातार अभिवादन स्वीकार करते रहे। कुंभ का विशाल क्षेत्र, संगम की रेती पर होने वाली तैयारियां देख भी वे आश्चर्यचकित रहे। अमेरिका के रुबिन डेरियो बेनेटीज तथा पैराग्वे के रूबने पालमा ने कहा, ‘अतुलनीय, अकल्पनीय।’
हर देश से आएंगे प्रतिनिधि : वीके सिंह
कुंभ में विश्व के हर देश के प्रतिनिधि आएंगे। मेहमानों के साथ आए विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बताया कि आमंत्रण भेजने के साथ अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राजनयिक यहां की तैयारियों से काफी खुश हैं। उन्होंने पूरे आयोजन को अतुलनीय बताया। विदेशी राज्यमंत्री का कहना था कि विदेशी राजनयिकों को लाने का मकसद उन्हें कुंभ की तैयारियां दिखाना था। ताकि, वे भारत सरकार के ‘चलो कुंभ चलें’ स्लोगन का हिस्सा बन सकें। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने राजनयिकों को कुंभ के बारे में दी गई जानकारियों के बारे में बताया।
देखी चित्र प्रदर्शनी
विदेशी मेहमानों ने संगम तट पर चित्र प्रदर्शनी भी देखी। इसके माध्यम से उन्हें कुंभ तथा इसकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा उन्होंने ‘पेंट माई सिटी’ पर आधारित गैलेरी भी देखी।
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कुंभ में 192 देश के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा 23 और 24 जनवरी को वाराणसी में आयोजित होने वाले सम्मेलन में शामिल प्रवासी भारतीय भी कुंभ का भ्रमण करेंगे। इससे पहले शनिवार को 70 देश के राजनयिकों ने कुंभ की भव्यता और तैयारी को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्हें वर्ष की शुरुआत में लखनऊ में हुए इन्वेस्टर समिट की क्लिप दिखाई गई। उसकी मदद से आयोजन तथा देश में निवेश के माहौल के बारे में बताया गया। इसी दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन हुआ। उन्होंने कहा, ‘यूनेस्को ने कुंभ को अमूर्त धरोहर मानते हुए इसे अपनी सूची में शामिल किया है। पूरी दुनिया के करोड़ों-लाखों लोग इस दिव्य आयोजन का हिस्सा होंगे।’
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राजनयिकों ने पूछा, कहां है अदृश्य सरस्वती
सरस्वती नदी के बारे में जानने की उत्सुकता भारतीय ही नहीं, विदेशी राजनयिकों में भी है। संगम तट पर सवाल-जवाब के सत्र में अमेरिकी राजनयिक ने पूछा, ‘अदृश्य सरस्वती कहां है?’ इस पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सरस्वती नदी के इतिहास तथा अन्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कनाडा के प्रतिनिधि ने सवाल किया, ‘इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे आएंगे और सुविधाओं की जानकारी उन्हें कैसे होगी?’ इसके जवाब में कैबिनेट मंत्री ने रेल, बस आदि सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। राजनयिकों को कुंभ पर आधारित काफी टेबल बुक तथा साहित्य दिया गया। सिद्धार्थनाथ ने विदेशी मेहमानों से अपील की कि घर जाकर वे इन्हें पढ़ें जरूर। उम्मीद है इसे पढ़ने के कुंभ में पूरे परिवार के साथ आएंगे।
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केसरिया रंग में रंगे दिखे मेहमान
विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए बना पांडाल तो केसरिया रंग लिए हुए था ही, मेहमान भी उसी में दिखे। उन्हें केसरिया रंग शाल देकर सम्मानित किया गया। खास यह कि पूरे आयोजन के दौरान राजनयिकों ने शाल पर कंधे पर डाले रखी।
मेहमानों ने कहा, ‘अतुलनीय’
कुंभ की तैयारियों को देख तथा बच्चों के स्वागत से विदेशी मेहमान अभिभूत दिखे। एकलव्य चौराहा से बालसन तक सड़क दोनों तरफ खड़े बच्चों ने उनके देश के झंडे लहराकर स्वागत किया तो राजनयिक भी लगातार हाथ हिलाकर लगातार अभिवादन स्वीकार करते रहे। कुंभ का विशाल क्षेत्र, संगम की रेती पर होने वाली तैयारियां देख भी वे आश्चर्यचकित रहे। अमेरिका के रुबिन डेरियो बेनेटीज तथा पैराग्वे के रूबने पालमा ने कहा, ‘अतुलनीय, अकल्पनीय।’
हर देश से आएंगे प्रतिनिधि : वीके सिंह
कुंभ में विश्व के हर देश के प्रतिनिधि आएंगे। मेहमानों के साथ आए विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बताया कि आमंत्रण भेजने के साथ अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राजनयिक यहां की तैयारियों से काफी खुश हैं। उन्होंने पूरे आयोजन को अतुलनीय बताया। विदेशी राज्यमंत्री का कहना था कि विदेशी राजनयिकों को लाने का मकसद उन्हें कुंभ की तैयारियां दिखाना था। ताकि, वे भारत सरकार के ‘चलो कुंभ चलें’ स्लोगन का हिस्सा बन सकें। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने राजनयिकों को कुंभ के बारे में दी गई जानकारियों के बारे में बताया।
देखी चित्र प्रदर्शनी
विदेशी मेहमानों ने संगम तट पर चित्र प्रदर्शनी भी देखी। इसके माध्यम से उन्हें कुंभ तथा इसकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा उन्होंने ‘पेंट माई सिटी’ पर आधारित गैलेरी भी देखी।