माघ मेला क्षेत्र में 16 प्रवेश मार्गों, छह स्टैटिक बूथों पर होगी कोविड जांच
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एंटीजन, आरटीपीसीआर जांच का काम शुरू, संस्थाओं के लिए 100 डोर-टू-डोर टीमों का गठन
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श्रद्धालुओं को दिया जाएगा आइवरमेक्टिन का डोज, कोविड केयर कार्ड में दर्ज होगा ब्योरा
माघ मेला क्षेत्र में कोरोना से बचाव, संक्रमण प्रसार रोकने, जांच और संक्रमितों के उपचार की व्यवस्था कर ली गई है। मंगलवार से छह स्टैटिक बूथों पर एंटीजन, आरटीपीसीआर जांच का काम शुरू कर दिया गया है। संस्थाओं के शिविरों में औसतन छह सौ मरीजों की प्रतिदिन की जा रही है। मेला के 16 प्रवेश मार्गों पर थर्मल स्कैनिंग की जाएगी।
नोडल अधिकारी कोरोना डॉ ऋषि सहाय के मुताबिक माघ मेला आयोजन के दौरान कोविड नियंत्रण और प्रसार रोकने की इंतजामों को अंतिम रूप देकर जांचें शुरू कर दी गई हैं। अन्य व्यवस्थाओं के साथ सौ डोर-टू-डोर टीमों से संस्थाओं के शिविरों में श्रद्धालुओं की जांच कराई जा रही। 20 मोबाइल टीमों के माध्यम से कोविड जांच की जाएगी।
माघ मेला क्षेत्र के हर सेक्टर में रैपिड रिस्पांस टीमें बिना लक्षण वाले कोविड पॉजिटिव मरीजों को कोविड केयर सेंटर कालिंदीपुरम और बेली अस्पताल में भर्ती कराएंगी। आरआरटी टीमों के साथ एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आइवरमेक्टिन का डोज दिया जाएगा। सभी के बारे में जानकारी कोविड केयर कार्ड में दर्ज की जाएगी।
मेले में प्रवेश के समय श्रद्धालुओं से कोविड जांच कराने या रिपोर्ट दिखानी होगी। कोविड प्रोटोकॉल के तहत मेला क्षेत्र में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें बनाकर तैनात कर दी गई हैं। नोडल अधिकारी डॉ ऋषि सहाय ने बताया कि एसीएमओ स्तर के चिकित्साधिकारी समेत अन्य अफसर पर्यवेक्षण करेंगे। जहां कमी होगी उसे दुरुस्त किया जाएगा।
बीस बेड के दो बड़े, हर सेक्टर में छोटे अस्पतालों में होगा उपचार
माघ मेला क्षेत्र में बीस बेड के दो बड़े अस्पताल और हर सेक्टर में छोटे अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं। सभी स्थानों के लिए डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। सीएमओ डॉ प्रभाकर राय के मुताबिक मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बेहतर उपचार की व्यवस्था की गई है। स्नान पर्वों पर घाट पर अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र से गंभीर मरीजों को बेली और एसआरएन अस्पताल के विशेष वार्ड में शिफ्ट कराया जाएगा।