फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kigga screws on those who prepare the thesis from stolen content

चोरी के कंटेंट से थीसिस तैयार करने वालों पर कसेगा शिकंजा

Sat, 13 Jan 2018 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 13 Jan 2018 01:51 AM IST
विज्ञापन
Kigga screws on those who prepare the thesis from stolen content
books, jhansi hindi news - फोटो : demo
किसी शोधार्थी ने चोरी के कंटेंट से थीसिस तैयार की तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से तैयार किया गया सॉफ्टवेयर इस गड़बड़ी को पकड़ लेगा और चोरी किया गया कंटेंट मानक से अधिक है तो थीसिस एवार्ड नहीं होगी। शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के केंद्रीय पुस्तकालय एवं इंफिलिबनेट के सहयोग से सीनेट हाल में आयोजित शोध गंगा एवं एंटी प्लेज्यरिज्म पर एक आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई, जिसमें विश्वविद्यालय के सात सौ से अधिक शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन


प्लेज्यरिज्म यानी थीसिस में चोरी के कंटेंट को शामिल किया जाना। यूजीसी की ओर से लागू योजना शोध गंगा के तहत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय के नि:शुल्क उलपब्ध कराए गए उर्कुंड सॉफ्टवेयर ने चोरी के कंटेंट से थीसिस तैयार करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंफिलिबनेट, गांधीनगर गुजरात के वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज कुमार ने बताया कि  यूजीसी ने शोध गंगा की वेबसाइट पर सभी शोध प्रतिवेदनों को अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। वेबसाइट पर अब तक 1.77 लाख शोध प्रतिवेदन अपलोड हो चुके हैं। शोध गंगा का पाठक किसी भी प्रकार के शोध प्रतिवेदन को वेबसाइट पर खोजकर उसे डाउनलोड कर सकता है।
विज्ञापन


यह भी बताया गया कि यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालयों को उर्कुंड एंटी प्लेज्यरिज्म सॉफ्टवेयर नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। थीसिस एवार्ड करने से पहले उसे उर्कुंड सॉफ्टवेयर के परीक्षण से होकर गुजरना पड़ता है। सॉफ्टवेयर कुछ ही घंटों में बता देगा कि थीसिस का कितना कंटेंट चोरी किया गया है और चोरी का कंटेंट कहां से लिया गया है। अगर चोरी किया गया कंटेंट 10 फीसदी तक है तो ठीक, इससे अधिक होने पर थीसिस एवार्ड नहीं होगी। इविवि के कुलपति प्रो. आरएल हांगलू ने राष्ट्र के निर्माण में शोध की उपयोगिता पर प्रकाश डाल और कहा कि इस तरह के आयोजनों से विश्वविद्यालय के शैक्षिक वातावरण में नवीन ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का स्वागत पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. बीके सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed