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कार दिलाने का झांसा देकर वाराणसी के युवक का अपहरण, मांगी 20 लाख की फिरौती
Mon, 10 Aug 2020 01:38 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 10 Aug 2020 01:38 AM IST
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अपहरण
- फोटो : Getty
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औद्योगिक क्षेत्र के सड़वा कालोनी से शनिवार देर रात वाराणसी के एक युवक के अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस के भी हाथ पाव भी फूल गए। आनन-फानन में सक्रिय हुई पुलिस ने उसे अपहरण के आरोपी के गेस्ट हाउस से बरामद कर लिया। अपहृत युवक का कहना है कि उसके दोस्तों ने ही सफारी कार दिखाने के झांसा देकर उसे यहां बुलाया और फिर एक गेस्ट हाउस में बंधक बनाकर उसके घर पर उसी से फोन कराकर 20 लाख की फिरौती मांगी।
वाराणसी जनपद के भेलूपुर थाना अंतर्गत बड़ी बेगी निवासी सुनील सिंह यादव पुत्र राम शरण सिंह यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। वहीं पर पढ़ाई के दौरान उसकी अनमोल पांडेय निवासी रामपुर, औद्योगिक क्षेत्र से मित्रता हुई थी। सुनील का कहना है कि आठ अगस्त को उसके परिचित अनमोल पांडेय ने सफारी गाड़ी दिखाने के बहाने उसे औद्योगिक क्षेत्र बुलाया।
जहां सड़वा के समीप वह रुका तो पहले से मौजूद पवन पांडेय, सच्चिदानंद सिंह यादव निवासी सड़वा कॉलोनी व तीन अज्ञात लोगों के साथ असलहा सटाकर उसे बाइक पर बैठाकर एक गेस्ट हाउस में ले गए। जहां कमरे में बंदकर उसे मारा पीटा और 20 लाख की फिरौती मांगी। परिजन प्रयागराज पुलिस से संपर्क किए। सूचना पर सक्रिय हुई औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने सुनील सिंह यादव को पवन पांडेय के गेस्ट हाउस से बरामद कर लिया।
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हालांकि पुलिस अपहरण व फिरौती की बात से इनकार कर रही है। सीओ करछना आशुतोष तिवारी का कहना है कि सुनील सिंह एक महंगे कोचिंग सेंटर में पढ़ता था। जिसकी फीस करीब 3.45 लाख रुपये है। जिसमें से मात्र एक लाख रुपये ही सुनील ने जमा किया था। छह महीने बाद 50 हजार वापस भी ले लिया था। कुछ और पैसे उसने अनमोल पांडेय से लिए थे। उसी पैसे के लेन देन का विवाद था। अपहरण व फिरौती की बात गलत है। दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की गई है।
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वाराणसी जनपद के भेलूपुर थाना अंतर्गत बड़ी बेगी निवासी सुनील सिंह यादव पुत्र राम शरण सिंह यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। वहीं पर पढ़ाई के दौरान उसकी अनमोल पांडेय निवासी रामपुर, औद्योगिक क्षेत्र से मित्रता हुई थी। सुनील का कहना है कि आठ अगस्त को उसके परिचित अनमोल पांडेय ने सफारी गाड़ी दिखाने के बहाने उसे औद्योगिक क्षेत्र बुलाया।
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जहां सड़वा के समीप वह रुका तो पहले से मौजूद पवन पांडेय, सच्चिदानंद सिंह यादव निवासी सड़वा कॉलोनी व तीन अज्ञात लोगों के साथ असलहा सटाकर उसे बाइक पर बैठाकर एक गेस्ट हाउस में ले गए। जहां कमरे में बंदकर उसे मारा पीटा और 20 लाख की फिरौती मांगी। परिजन प्रयागराज पुलिस से संपर्क किए। सूचना पर सक्रिय हुई औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने सुनील सिंह यादव को पवन पांडेय के गेस्ट हाउस से बरामद कर लिया।
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हालांकि पुलिस अपहरण व फिरौती की बात से इनकार कर रही है। सीओ करछना आशुतोष तिवारी का कहना है कि सुनील सिंह एक महंगे कोचिंग सेंटर में पढ़ता था। जिसकी फीस करीब 3.45 लाख रुपये है। जिसमें से मात्र एक लाख रुपये ही सुनील ने जमा किया था। छह महीने बाद 50 हजार वापस भी ले लिया था। कुछ और पैसे उसने अनमोल पांडेय से लिए थे। उसी पैसे के लेन देन का विवाद था। अपहरण व फिरौती की बात गलत है। दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की गई है।