खागलपुर हत्याकांड : सात अन्य आरोपी भेजे गए जेल, सुसाइड नोट ने लिखे थे नाम, उत्पीड़न का लगाया गया था आरोप
मामले में एक दिन पहले नामजद कराए गए चार आरोपी जेल भेजे गए थे। इनमें मृतक के पत्नी के दो भाई चंद्रशेखर व पिंटू के अलावा मैनेजर व आशु शामिल थे। उधर घटना के बाद ही पुलिस ने सात उन लोगों को भी हिरासत में ले लिया था, जिनका नाम सुसाइड नोट में लिखा था।
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नवाबगंज के खागलपुर में महिला व तीन बेटियों की हत्या व गृहस्वामी राहुल तिवारी की खुदकुशी मामले में सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने सात अन्य लोगों को भी जेल भेज दिया। यह वह लोग हैं जिनका नाम राहुल ने सुसाइड नोट में लिखा था। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी ससुरालपक्ष से संबंधित हैं।
मामले में एक दिन पहले नामजद कराए गए चार आरोपी जेल भेजे गए थे। इनमें मृतक के पत्नी के दो भाई चंद्रशेखर व पिंटू के अलावा मैनेजर व आशु शामिल थे। उधर घटना के बाद ही पुलिस ने सात उन लोगों को भी हिरासत में ले लिया था, जिनका नाम सुसाइड नोट में लिखा था। उनसे लगातार पुलिस टीमें पूछताछ में जुटी रहीं। दो दिन तक चली पूछताछ के बाद सोमवार को इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां रिमांड मंजूर होने पर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। गौरतलब है कि राहुल ने सुसाइड नोट में नामजद चारों आरोपियों के अलावा उपरोक्त सात लोगों का भी नाम लिखा था। साथ ही यह भी लिखा था कि उपरोक्त सभी लोगों की प्रताड़ना से ही तंग आकर वह जान देने जा रहा है। यह भी लिखा था कि सालों समेत अन्य ससुरालपक्ष के लोगों ने दो गाड़ियों से आकर उसकी पत्नी व बच्चों की हत्या की और फिर भाग निकले।
इन्हें भेजा गया जेल
ज्योति व मंजू- मृतक के पत्नी के दोनों भाइयों की पत्नियां
सुनील त्रिपाठी, अवधकिशोर दुबे, नमोनारायण, संतोष त्रिपाठी, शिवम
हत्या के मुकदमे में बना रिमांड
इस मामले में खास बात यह है कि नामजद न होने के बावजूद सातों आरोपियों को जेल हत्या के आरोप में भेजा गया। इन सभी का रिमांड हत्या के आरोप में ही मंजूर हुआ। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल मृतक के सुसाइड नोट में लिखे बयान के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विवेचना के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की विवेचना चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर धाराओं व अभियुक्तों के विषय में निर्णय लेकर जल्द खुलासा किया जाएगा। - अजय कुमार, एसएसपी
आत्महत्या के लिए उकसाने की लगेगी धारा?
पुख्ता सूत्रों के मुताबिक, मामले में कुल 11 आरोपियों को भले ही जेल भेज दिया गया हो, लेकिन उन पर हत्या की धारा में मुकदमा नहीं चलेगा। दरअसल नामजद चार व सुसाइड नोट में लिखे सात अन्य नामों वाले आरोपियों की लोकेशन घटना वाली रात खागलपुर गांव में नहीं मिली है। गांववालों ने भी पूछताछ में अफसरों को यही बयान दिया है कि उस रात मृतकों के घर के आसपास कोई वाहन नहीं आया था। ऐसे में आरोपियों की हत्या में संलिप्तता की बात की फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन सुसाइड नोट में मृतक ने सभी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। ऐसे में उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप सही पाया गया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि मामला हत्या का न होकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में चल सकता है।