फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Keshari Devi will not be easy for the District Panchayat President's road

केशरी देवी के लिए आसान नहीं होगी जिला पंचायत अध्यक्ष की राह

Sat, 27 Oct 2018 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Sat, 27 Oct 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
Keshari Devi will not be easy for the District Panchayat President's road
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
केशरी देवी पटेल ने रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जरूर जीत लिया लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष की राह उनके लिए आसान नहीं हो रही। वह मात्र दो मतों से अविश्वास प्रस्ताव पास करा पाने में सफल रहीं। ऐसे में दोबारा अध्यक्ष बनने के लिए उनके सामने जिला पंचायत सदस्यों के साथ भाजपा के शीर्ष एवं स्थानीय नेताओं को भी जोड़े खने की चुनौती होगी।
विज्ञापन


रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा के स्थानीय नेता केशरी देवी के साथ खड़े दिखाई दिए। केशरी देवी भाजपा के जिलाध्यक्षों और विधायकों के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अविश्वास प्रस्ताव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भी ये नेता पंचायत भवन के सामने डटे रहे। इसके अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का उन्हें खुला समर्थन प्राप्त था। यमुनापार के जिलाध्यक्ष शिवदत्त पटेल का कहना है कि केशरी देवी को पार्टी में शामिल करने से पहले उनकी राय ली गई थी लेकिन रेखा सिंह पार्टी में है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इसलिए पार्टी के लोग केशरी देवी के साथ रहे। सत्ता पक्ष के इस समर्थन के बावजूद 92 में से मात्र 49 सदस्य केशरी देेवी के साथ खड़े दिखाई दिए। जबकि, 64 सदस्यों ने समर्थन की घोषणा की थी।
विज्ञापन


इसके विपरीत अशोक सिंह के भाजपा में शामिल के बाद सपा के नेता भी रेखा सिंह के साथ खुलकर नहीं दिखे। हालांकि, यह जरूर कहा जा रहा है कि सपा के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह का रेखा सिंह का समर्थन प्राप्त था। सपा विधायक उज्ज्वल रमण सिंह का कहना है कि दोनों ही लोग भाजपा के हैं। यह जरूर हो सकता है कि सपा के सदस्य रेखा सिंह के साथ खड़े रहे हों लेकिन उनकी कोई भूमिका नहीं रही। उज्ज्वल का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि उपचुनाव में प्रत्याशी उतारना है या नहीं या किसका समर्थन करना है। दुविधा की इस स्थिति के बावजूद रेखा सिंह 43 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन प्राप्त करने में सफल रही। ऐसे में यदि रेखा सिंह अध्यक्ष के लिए दोबारा दावेदारी करती हैं तो केशरी देवी के लिए जीत आसान नहीं होगी। सपा के नेता इसे भाजपा के बीच के भीतर की लड़ाई बताते हुए भले ही किनारा कर रहे हैं लेकिन यह तय माना जा रहा है कि यदि बात केशरी देवी और रेखा सिंह के बीच मुकाबले की होगी तो पार्टी के दिग्गज रेखा सिंह के साथ खड़े होंगे। ऐसे में रेखा सिंह तथा उनके पति अशोक सिंह भाजपा के वरिष्ठ तथा कुछ स्थानीय नेताओं को मनाने में सफल रह गए तो लड़ाई काफी रोचक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed