कौशाम्बी : पुलिस की तीन टीमें भी नहीं लगा सकीं फरार किशोरियों का सुराग
वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा की शिकार या फिर प्रेमी के साथ भागी ऐसी नाबालिग किशोरियों को रखा जाता है जो अपने परिवार के साथ नहीं जाना चाहती। पुलिस उन्हें बरामद करने के बाद अदालत में पेश करती है और वहां बयान के बाद कोर्ट की अनुमति पर ही वन स्टॉप सेंटर में रखने की अनुमति दी जाती है।
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जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल में स्थापित वन स्टॉप सेंटर की खिड़की तोड़कर फरार बरामद किशोरियों का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका है। किशोरियों की बरामदगी के लिए गठित पुलिस की तीन टीमों ने तमाम संभावित ठिकानो में छापा मारा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। हालांकि, 36 घंटे बाद भी पुलिस ने मामले में केस नहीं दर्ज किया है।
वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा की शिकार या फिर प्रेमी के साथ भागी ऐसी नाबालिग किशोरियों को रखा जाता है जो अपने परिवार के साथ नहीं जाना चाहती। पुलिस उन्हें बरामद करने के बाद अदालत में पेश करती है और वहां बयान के बाद कोर्ट की अनुमति पर ही वन स्टॉप सेंटर में रखने की अनुमति दी जाती है। ऐसी ही घर से भागी करारी व सदर कोतवाली इलाके की दो किशोरियों को पुलिस ने बरामद कर वन स्टॉप सेंटर में रखा था।
बृहस्पतिवार को दोनों किशोरियां सेंटर की खिड़की तोड़कर साड़ी के सहारे नीचे उतरी और भाग निकली। घटना की जानकारी से हड़कंप मच गया। एसपी हेमराज मीणा ने सुरक्षा में नियुक्त महिला आरक्षी प्रतिमा को लाइन हाजिर कर दिया। प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपते हुए किशोरियों की बरामदगी के लिए के लिए सदर कोतवाली के अलावा महिला थाना व एसओजी की टीम को लगा दिया।
पुलिस की तीनों टीमों ने जिले के तमाम संभावित स्थानों में दबिश दी, लेकिन लापता किशोरियां का कहीं पता नहीं चल सका। सीओ सदर डॉ. केजी सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही किशोरियों को बरामद कर लिया जाएगा।
जिला अस्पताल से पहले भी भाग चुकी हैं कस्टडी से किशोरियां
जिला से अगवा किशोरियों की बरामदगी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस पहले भी बेपरवाह रही है। वर्ष 2014 में भी जिला अस्पताल से एक ही दिन में दो किशोरियां इसी तर्ज पर भागी थी। जिसमें एक कड़ा और दूसरी करारी कोतवाली इलाके की थी।
कड़ा इलाके की किशोरी को तो पुलिस ने बरामद कर लिया लेकिन करारी क्षेत्र की किशोरी का अब तक सुराग नहीं लग सका है। करारी इलाके की किशोरी को पुलिस दुष्कर्म मामले में मेडिकल कराने के लिए लाई थी। बाद में किशोरी के पिता ने अदालत के आदेश पर सदर कोतवाली में अपनी बेटी को अगवा कर हत्या करने का केस दर्ज कराया। इस घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।