फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kashi Vishwanath Corridor case Petition demanding share in worship and offerings of Naugraha Shivling rejected

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर मामला : नौग्रह शिवलिंग की पूजा करने और चढ़ावे पर हिस्सेदारी की मांग वाली याचिका खारिज

Wed, 11 Oct 2023 11:26 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 11 Oct 2023 11:26 AM IST
सार

याचियों की ओर से कहा गया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास नौग्रह शिवलिंग और शनिदेव मंदिर है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के दौरान नौ ग्रह शिवलिंग और शनिदेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। नौग्रह शिवलिंग को ट्रस्ट में शामिल करते हुए उसके एवज में मुआवजा दिया गया।

विज्ञापन
Kashi Vishwanath Corridor case Petition demanding share in worship and offerings of Naugraha Shivling rejected
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले नौग्रह शिवलिंग के पुजारियों को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने नौग्रह शिवलिंग की पूजा करने और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हिस्सेदारी की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिका भ्रमित और प्रायोजित करने वाली है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने जितेंद्र गिरि व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन

 

याचियों की ओर से कहा गया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास नौग्रह शिवलिंग और शनिदेव मंदिर है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के दौरान नौ ग्रह शिवलिंग और शनिदेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। नौग्रह शिवलिंग को ट्रस्ट में शामिल करते हुए उसके एवज में मुआवजा दिया गया।

विज्ञापन

 

साथ ही तत्कालीन काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने उन्हें नौग्रह और शनिदेव मंदिर में बैठने, पूजा करने और भक्तों से चढ़ावे लेने का अधिकार दिया था। उसके बाद आए मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने नौग्रह शिवलिंग मंदिर में बैठने, पूजा करने पर रोक लगा दी गई। इसके खिलाफ उन्होंने डीएम वाराणसी को प्रत्यावेदन दिया, लेकिन उसे अभी निस्तारित नहीं किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

सरकारी अधिवक्ता विनीत संकल्प ने तर्क दिया कि पुजारियों ने कॉरिडोर निर्माण के दौरान नौग्रह मंदिर को कॉरिडोर में शामिल करने के बदले पूरा मुआवजा ले लिया है। शनिदेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है। शनिदेव मंदिर में पूजा करने और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का हक दिया गया है लेकिन नौग्रह शिवलिंग पर उनका कोई अधिकार नहीं रह गया है। लिहाजा, याचियों का दावा गलत है। अब उन्हें यह अधिकार नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed