फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kanpur arson case: Former MLA Irfan's lawyer said, no one knows when, how and who started the fire in the hut

कानपुर आगजनी कांड: पूर्व विधायक इरफान के वकील बोले, झोपड़ी में आग कब, कैसे लगी व किसने लगाई किसी को मालूम नहीं

Wed, 06 Nov 2024 08:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 06 Nov 2024 08:02 PM IST
सार

बुधवार को इरफान सोलंकी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी, इमरान उल्ला व उपेंद्र उपाध्याय ने दलील पेश की। कहा कि मुकदमा वादिनी नजीर फातिमा की ओर से विवेचक को दिए गए बयान, कलमबंद और कोर्ट ने दिए गए बयानों में विरोधाभास है।

विज्ञापन
Kanpur arson case: Former MLA Irfan's lawyer said, no one knows when, how and who started the fire in the hut
इरफान सोलंकी, निवर्तमान सपा विधायक कानपुर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कानपुर नगर चर्चित आगजनी कांड में सात साल की सजा पाए पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, भाई रिजवान समेत अन्य आरोपियों की अपील व जमानत पर बचाव पक्ष की बहस बुधवार को पूरी हो गई। बृहस्पतिवार से राज्य सरकार के वकील अपनी दलील पेश करेंगे। कोर्ट ने मामले को बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की अदालत ने दिया है।

विज्ञापन


बुधवार को इरफान सोलंकी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी, इमरान उल्ला व उपेंद्र उपाध्याय ने दलील पेश की। कहा कि मुकदमा वादिनी नजीर फातिमा की ओर से विवेचक को दिए गए बयान, कलमबंद और कोर्ट ने दिए गए बयानों में विरोधाभास है। नजीर फातिमा ने गवाही और जिरह में स्वीकार किया कि झोपडी में आगजनी कब, कैसे लगी, व किसने लगाई उसे मालूम नहीं है। जब वह घटना स्थल पर पहुंची तब उसका घर जल रहा था। लिहाजा, मुकदमा वादिनी प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। इरफान सोलंकी को राजनैतिक रंजिश के तहत फंसाया गया है।

विज्ञापन

राज्य सरकार के वकीलों ने दलीलों को नकारा

वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल के एम नटराजन, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार सड, एजीए प्रथम जेके उपाध्याय ने बचाव पक्ष की दलीलों को सिरे से नकारा है। उन्होंने सरकार का पक्ष रखने के लिए मामले को बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले दोनों ही पक्षों की ओर से बीएनएसएस की तहत संशोधन अर्जियां दाखिल की गई। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर आवश्यक संशोधन की अनुमति प्रदान की।

गौरतलब है कि कानपुर नगर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा की झोपड़ी में आग लगाने के मामले में कानपुर नगर की एमपी/एमएलए की विशेष अदालत ने इरफान , उसके भाई रिजवान समेत दस को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी। सजा की रद्द करने की मांग के साथ इरफान और रिजवान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, प्रदेश सरकार ने सात साल की सजा की नाकाफी बताते हुए उम्रकैद की मांग की है। हाईकोर्ट ने इरफान और सरकार की अपीलों पर एकसाथ सुनवाई चल रही है।

ये है पूरा मामला

8 नवंबर 2022 को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उसके भाई रिजवान, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ, शौकत अली, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन उर्फ चच्चा, एजाजुद्दीन उर्फ सबलू, मो. एजाज, मुरसलीन भोलू, शकील चिकना के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। तीन जून को कानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ व शौकत अली को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। सजा पर रोक लगाने की माग के साथ इरफान और रिजवान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed