कानपुर आगजनी कांड: पूर्व विधायक इरफान के वकील बोले, झोपड़ी में आग कब, कैसे लगी व किसने लगाई किसी को मालूम नहीं
बुधवार को इरफान सोलंकी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी, इमरान उल्ला व उपेंद्र उपाध्याय ने दलील पेश की। कहा कि मुकदमा वादिनी नजीर फातिमा की ओर से विवेचक को दिए गए बयान, कलमबंद और कोर्ट ने दिए गए बयानों में विरोधाभास है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में कानपुर नगर चर्चित आगजनी कांड में सात साल की सजा पाए पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, भाई रिजवान समेत अन्य आरोपियों की अपील व जमानत पर बचाव पक्ष की बहस बुधवार को पूरी हो गई। बृहस्पतिवार से राज्य सरकार के वकील अपनी दलील पेश करेंगे। कोर्ट ने मामले को बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की अदालत ने दिया है।
बुधवार को इरफान सोलंकी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी, इमरान उल्ला व उपेंद्र उपाध्याय ने दलील पेश की। कहा कि मुकदमा वादिनी नजीर फातिमा की ओर से विवेचक को दिए गए बयान, कलमबंद और कोर्ट ने दिए गए बयानों में विरोधाभास है। नजीर फातिमा ने गवाही और जिरह में स्वीकार किया कि झोपडी में आगजनी कब, कैसे लगी, व किसने लगाई उसे मालूम नहीं है। जब वह घटना स्थल पर पहुंची तब उसका घर जल रहा था। लिहाजा, मुकदमा वादिनी प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। इरफान सोलंकी को राजनैतिक रंजिश के तहत फंसाया गया है।
राज्य सरकार के वकीलों ने दलीलों को नकारा
वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल के एम नटराजन, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार सड, एजीए प्रथम जेके उपाध्याय ने बचाव पक्ष की दलीलों को सिरे से नकारा है। उन्होंने सरकार का पक्ष रखने के लिए मामले को बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले दोनों ही पक्षों की ओर से बीएनएसएस की तहत संशोधन अर्जियां दाखिल की गई। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर आवश्यक संशोधन की अनुमति प्रदान की।
गौरतलब है कि कानपुर नगर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा की झोपड़ी में आग लगाने के मामले में कानपुर नगर की एमपी/एमएलए की विशेष अदालत ने इरफान , उसके भाई रिजवान समेत दस को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी। सजा की रद्द करने की मांग के साथ इरफान और रिजवान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, प्रदेश सरकार ने सात साल की सजा की नाकाफी बताते हुए उम्रकैद की मांग की है। हाईकोर्ट ने इरफान और सरकार की अपीलों पर एकसाथ सुनवाई चल रही है।
ये है पूरा मामला
8 नवंबर 2022 को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उसके भाई रिजवान, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ, शौकत अली, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन उर्फ चच्चा, एजाजुद्दीन उर्फ सबलू, मो. एजाज, मुरसलीन भोलू, शकील चिकना के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। तीन जून को कानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ व शौकत अली को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। सजा पर रोक लगाने की माग के साथ इरफान और रिजवान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।