{"_id":"5939b4204f1c1b34539ca55b","slug":"kalraj-mishra-s-testimony-can-be","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलराज मिश्र की हो सकती है गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलराज मिश्र की हो सकती है गवाही
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Jun 2017 02:13 AM IST
विज्ञापन
सभा में बोलते कलराज मिश्र ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर हत्याकांड में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की भी गवाही हो सकती है। बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में इस आशय की अर्जी देकर मिश्र को गवाही हेतु तलब किए जाने की मांग की गई है। गुरुवार को जिला न्यायालय में जवाहर हत्याकांड की सुनवाई हुई। जेेल से करवरिया बंधु पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से अर्जी देकर मांग की गई है कि सफाई साक्ष्य के लिए कलराज मिश्र को तलब किया जाए। कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस अर्जी को खारिज कर दिया है कि कलराज मिश्र का बयान जरिए कमीशन कराया जाए। (कमीशन पर गवाही जहां गवाह रह रहा हो, वहीं की अदालत में होती है)। यह आदेश मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे रमेश चंद्र ने अभियोेजन और वादी के अधिवक्ता धारा सिंह को सुनकर दिया है।
बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दी गई थी कि कलराज मिश्र, जो कि वर्तमान में भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, उनकी व्यस्तता को देखते हुए गवाही के लिए दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के महानगर मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए कमीशन जारी किया जाए। इस अर्जी का अभियोजन ने विरोध किया और कहा कि बचाव पक्ष मुकदमे को लंबित करने के लिए इस तरह की अर्जी दे रहा है। कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। आदेश में कहा है कि महत्वपूर्ण गवाहों का बयान खुले न्यायालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कलराज मिश्र केंद्रीय मंत्री हैं और अपने कार्यों को प्रभावी तरीके से कर रहे हैं। उनको कोर्ट में आकर गवाही देने में असुविधा नहीं होनी चाहिए।
कमीशन पर बयान दर्ज होने की अर्जी खारिज होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दी गई है कि कलराज मिश्र को बतौर सफाई गवाह विशेष वाहक केे जरिए तलब किया जाए। मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। बचाव पक्ष का तर्क है कि घटना के दिन कपिल मुनि करवरिया तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष कलराज मिश्र से मिलने लखनऊ गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दी गई थी कि कलराज मिश्र, जो कि वर्तमान में भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, उनकी व्यस्तता को देखते हुए गवाही के लिए दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के महानगर मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए कमीशन जारी किया जाए। इस अर्जी का अभियोजन ने विरोध किया और कहा कि बचाव पक्ष मुकदमे को लंबित करने के लिए इस तरह की अर्जी दे रहा है। कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। आदेश में कहा है कि महत्वपूर्ण गवाहों का बयान खुले न्यायालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कलराज मिश्र केंद्रीय मंत्री हैं और अपने कार्यों को प्रभावी तरीके से कर रहे हैं। उनको कोर्ट में आकर गवाही देने में असुविधा नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
कमीशन पर बयान दर्ज होने की अर्जी खारिज होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दी गई है कि कलराज मिश्र को बतौर सफाई गवाह विशेष वाहक केे जरिए तलब किया जाए। मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। बचाव पक्ष का तर्क है कि घटना के दिन कपिल मुनि करवरिया तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष कलराज मिश्र से मिलने लखनऊ गए थे।
विज्ञापन