माघ मेले में संगम पर कल्पवासियों-संतों को मिलेगी निर्मल गंगा
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माघ मेले में इस बार कल्पवालियों और साधु-संतों को निर्मल गंगा की धारा संगम पर डुबकी लगाने के लिए मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। सात हजार क्यूसेक जल भीमगोड़ा और नरोरा बांधों से पूरे महीने भर छोड़ा जाता रहेगा, ताकि संगम पर न्यूनतम पराह बने रहने के साथ ही संतों-श्रद्धालुओं को निर्मल दल धारा प्राप्त हो सके। इसके अलावा टेनरियों व अन्य कारखानों से गंगा में आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए भी कड़ी हिदायत दी गई है।
माघ मेले में आने वाले पांच लाख से अधिक कल्पवासियों व संतों, श्रद्धालुओं के लिए गंगा का निर्मल जल उपलब्ध कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से उत्तराखंड शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। सिंचाई विभाग के एक अफसर ने यह जानकारी दी। बताया कि इस प्रस्ताव के तहत सात हजार क्यूसेक जल लगातार माघ मेला होने तक गंगा में छोड़े जाने की सहमति बन गई है। पहला मुख्य स्नान मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को होगा।