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Justice Yashwant Verma: विधि मंत्रालय के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी

Wed, 26 Mar 2025 05:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 26 Mar 2025 05:52 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों का कार्य बहिष्कार बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आज फोटो आईडेंटिफिकेशन सेंटर पर भी ताला लगा दिया गया है। आंदोलन और गतिरोध के बीच विधि मंत्रालय भारत सरकार के बुलावे पर वार्ता के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी दिल्ली पहुंच गए हैं। 

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Justice Yashwant Verma: High Court Bar President Anil Tiwari reached Delhi on the call of Law Ministry
अनिल तिवारी, अध्यक्ष- इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिसिएशन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जस्टिस यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला होने के बाद जारी वकीलों की हड़ताल के बीच हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी दिल्ली पहुंच गए हैं। विधि मंत्रालय के बुलावे पर वह दिल्ली पहुंचे हैं। गतिरोध को हल करने के संबंध में कोई वार्ता हो सकती है। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। 

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न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास के बाहर भारी मात्रा में नोटों की गड्डी मिलने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता जांच की मांग करने पर अड़े हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम द्वारा जस्टिस वर्मा का तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट करने की सिफारिफ पर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है। दो दिन से अधिवक्ता कार्य से विरत हैं और हाईकोर्ट मुख्य द्वार के सामने मंच लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को भी आंदोलन जारी रहा। इसी बीच विधि मंत्रालय के बुलावे पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी दिल्ली पहुंच गए हैं।
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हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल और कार्य बहिष्कार को लेकर चर्चा हो सकती हैं। इसमें क्या निष्कर्ष निकलता है इसके बाद ही वकीलों के आंदोलन को लेकर आगे की रूपरेखा तैयार हो सकती है। हालांकि वकील किसी भी दशा में जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद में नहीं आने देना चाहते हैं। वह तबादले को निरस्त करने के साथ ही नौकरशाह और नेताओं की तर्ज पर वर्मा के यहां भी जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। वकीलों का कहना है कि भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जनता का न्यायपालिका पर से भरोसा उठ गया है। इस भरोसे को कायम करने के लिए अधिवक्ता किसी भी आंदोलन से गुजरने के लिए तैयार हैं। 

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