फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Joint expansion of Phaphamau bridge, built at a cost of crores, broke and became useless within one and a half

Prayagraj : करोड़ों की लागत से बने फाफामऊ सेतु के ज्वाइंट एक्सपेंशन डेढ़ वर्ष में ही टूटकर बेकार

Sun, 12 May 2024 11:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 12 May 2024 11:36 AM IST
सार

गंगा पर निर्मित करीब 33 साल पुराने चंद्रशेखर आजाद सेतु के नवीनीकरण का काम डेढ़ वर्ष पहले ही कराया गया था। तब एनएच खंड के अफसरों ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि इस सेतु की मरम्मत के बाद इसकी उम्र 50 वर्ष बढ़ जाएगी।

विज्ञापन
Joint expansion of Phaphamau bridge, built at a cost of crores, broke and became useless within one and a half
शास्त्री पुल पर क्षतिग्रस्त ज्वाइंट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

फाफामऊ में गंगा पर निर्मित चंद्रशेखर आजाद सेतु करोड़ों रुपये की लागत से पुनरोद्धार के डेढ़ वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके सात ज्वाइंट एक्सपेंशन फिर टूट गए हैं। बेयरिंग खिसकने की भीत कही जा रही है। अगर ध्यान नहीं दिया गया तो भारी वाहनों के दबाव से सेतु और भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। ऐसे इस पुल के कायाकल्प का फिर काम शुरू कराने की तैयारी है।

विज्ञापन


गंगा पर निर्मित करीब 33 साल पुराने चंद्रशेखर आजाद सेतु के नवीनीकरण का काम डेढ़ वर्ष पहले ही कराया गया था। तब एनएच खंड के अफसरों ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि इस सेतु की मरम्मत के बाद इसकी उम्र 50 वर्ष बढ़ जाएगी। लेकिन, सबकुछ उल्टा निकल गया। इस सेतु के नवीनीकरण की तकनीक पर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि किस तरह और कैसे ज्वाइंट एक्सपेंशन लगाए गए थे कि इतनी जल्दी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गए।

विज्ञापन

इस सेतु की तब बेयरिंग भी कई जगह बदली गई थी। इसके अलावा रेलिंग पोस्ट नए सिरे से बनवाई गई थी। इस बार महीने भर से ज्वाइंट एक्सपेंशन टूटने की बात आ रही है, लेकिन एनएच खंड के अफसर इसे नजर अंदाज करते जा रहे हैं। ऐसे में ज्वाइंट एक्सटेंशन की मरम्मत को टालना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा है।

ज्वाइंट और बेयरिंग की मरम्मत न होने की वजह से इस पुल को और नुकसान पहुंचने की आशंका है। भारी वाहनों के लगातार आवागमन से इस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ का आयोजन भी आने वाला है। ऐसे में इस पुल की बिना देरी किए मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही जा रही है। शहर से फाफामऊ को जोड़ने वाले इस चंद्रशेखर आजाद सेतु का निर्माण 1988 में कराया गया था।

35 साल पुराने पुल के ज्वाइंट एक्सपेंशन वर्ष भर के भीतर फिर टूटने से लोग परेशान

1098 मीटर है फाफामऊ के चंद्रशेखर आजाद सेतु की लंबाई

07 जगहों पर ज्वाइंट एक्सपेंशन टूटने से बढ़ी चिंता

18 महीने पहले ही आजाद सेतु का एनएच खंड ने कराया था नवीनकरण

फाफामऊ पुल के टूटे ज्वाइंट एक्सपेंशन और खिसकी बेयरिंग की मरम्मत जल्द करा दी जाएगी। एक वर्ष पहले ही इस सेतु का नवीनीकरण कराया गया था, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। इस सेतु पर कब और क्या काम कराया गया था, इसकी पत्रावली देखकर ही कुछ कह पाऊंगा। - आरपी सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी- एनएच खंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed