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नौवीं-ग्यारहवीं में बढ़े छह लाख छात्र-छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 27 Aug 2016 02:22 AM IST
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यूपी बोर्ड की परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इलाहाबाद । यूपी बोर्ड की ओर से 25 जुलाई से 25 अगस्त के बीच चले नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के अग्रिम पंजीकरण-2016 में अबकी बार लगभग करीब छह लाख विद्यार्थी बढ़ गए। नौवीं में 36.14 लाख एवं ग्यारहवीं में 29.28 लाख छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ। 2015 में कुल 59.61 लाख छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ था।
यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव ने बताया कि 2016 में नौवीं एवं ग्यारहवीं के जिन छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया, वह 2018 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अंतिम चरण में प्रतिदिन एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ।
दसवीं-बारहवीं में कम हो गए परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की ओर से पंजीकरण में साफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद बाद 2016 में दसवीं और बारहवीं के पंजीकरण में 2015 की अपेक्षा आठ लाख परीक्षार्थी कम हो गए। बोर्ड की ओर से दसवीं एवं बारहवीं के पंजीकरण में सख्ती बरते जाने के बाद मात्र 60 लाख छात्रों का पंजीकरण हुआ। कहा जा रहा है कि सख्ती के कारण नकल माफिया ने अपनी रणनीति बदलते हुए नौवीं एवं ग्यारहवीं में बोगस छात्रों का पंजीकरण करवा दिया है। इसी कारण से नौवीं-ग्यारहवीं में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई।
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यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव ने बताया कि 2016 में नौवीं एवं ग्यारहवीं के जिन छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया, वह 2018 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अंतिम चरण में प्रतिदिन एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ।
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दसवीं-बारहवीं में कम हो गए परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की ओर से पंजीकरण में साफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद बाद 2016 में दसवीं और बारहवीं के पंजीकरण में 2015 की अपेक्षा आठ लाख परीक्षार्थी कम हो गए। बोर्ड की ओर से दसवीं एवं बारहवीं के पंजीकरण में सख्ती बरते जाने के बाद मात्र 60 लाख छात्रों का पंजीकरण हुआ। कहा जा रहा है कि सख्ती के कारण नकल माफिया ने अपनी रणनीति बदलते हुए नौवीं एवं ग्यारहवीं में बोगस छात्रों का पंजीकरण करवा दिया है। इसी कारण से नौवीं-ग्यारहवीं में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई।
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