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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   It took three hours to reach from Chakeri in Kanpur and it took four hours to reach Sangam from Nehru Park.

Mahakumbh : कानपुर के चकेरी से आ गए तीन घंटे में तो नेहरू पार्क से संगम पहुंचने में लगे चार घंटे

Mon, 13 Jan 2025 09:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 13 Jan 2025 09:10 PM IST
सार

सोमवार को सिर्फ अमित ही नहीं, उनके जैसे सैकड़ों लोगों की यही कहानी रही। कुछ तो यह भी कहते नजर आए कि अगर पैरों में दम नहीं है तो संगम स्नान करने की मत सोचो। चकेरी के अमित ने बताया कि वह रविवार की रात ही नेहरू पार्क पार्किंग पहुंच गए। वहां गाड़ी पार्क करने के बाद सुबह सात बजे पैदल ही संगम के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचने में तकरीबन चार घंटे लगे।

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It took three hours to reach from Chakeri in Kanpur and it took four hours to reach Sangam from Nehru Park.
पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस को लगानी पड़ी बैरिकेडिंग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ के पहले स्नान पर्व के मौके पर कानपुर के चकेरी निवासी अमित कुमार सिंह अपने कुछ साथियों के साथ कार से तीन घंटे में प्रयागराज के नेहरू पार्क स्थित पार्किंग तो पहुंच गए। लेकिन, वहां से संगम जाने में उन्हें चार घंटे का वक्त लगा। वापसी में उन्हें संगम से हिंदू हॉस्टल तक पैदल ही सफर करना पड़ा। उसके बाद शटल बस से नेहरू पार्क पहुंचे।

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सोमवार को सिर्फ अमित ही नहीं, उनके जैसे सैकड़ों लोगों की यही कहानी रही। कुछ तो यह भी कहते नजर आए कि अगर पैरों में दम नहीं है तो संगम स्नान करने की मत सोचो। चकेरी के अमित ने बताया कि वह रविवार की रात ही नेहरू पार्क पार्किंग पहुंच गए। वहां गाड़ी पार्क करने के बाद सुबह सात बजे पैदल ही संगम के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचने में तकरीबन चार घंटे लगे।

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स्नान आदि करने के बाद गिरते-पड़ते दोपहर दो बजे के आसपास नेहरू पार्क पार्किंग पहुंचे। कहा कि थकान के मारे अब इतनी भी हिम्मत नहीं कि वह वापस कानपुर तक कार चलाकर पहुंचे। इसी वजह से तय किया कि कुछ घंटे आराम के बाद ही वह कानपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

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इसी तरह मथुरा से आए श्रीगोपाल शर्मा को नेहरू पार्क पार्किंग से शटल बस तो मिली। लेकिन, बस से उनका सफर हिंदू हॉस्टल चौराहे तक ही हो सका। उसके आगे का सफर उन्हें पैदल ही करना पड़ा। श्रीगोपाल ने बताया कि उन्हें बताया गया था कि संगम के निकट तक शटल बस चलेगी। लेकिन, यहां तो कई किमी पहले ही हमें उतार दिया गया।

कमोवेश यही स्थिति यमुनापार, गंगापार से आने वाले लोगों की भी रही। गंगापार से आने वाली बसें अंदावा तक एवं यमुनापार से आने वाली शटल बसें लेप्रोसी तक ही चलीं। उसके बाद वहां से सैकड़ों श्रद्धालुओं को पैदल ही गंगा के घाटों और संगम तक का सफर करना पड़ा।

वहीं, दूसरी ओर लगातार दूसरे दिन भी 430 शटल बसों का संचालन तमाम रूट पर हुआ। शाम छह बजे तक एक लाख से ज्यादा लोगों के इन बसों में सफर का अनुमान है। 45-45 शटल बसें प्रयागराज जंक्शन और प्रयाग स्टेशन के पास व 30 बसों को सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास रिजर्व रखी गईं। यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि मकर संक्राति पर भी यही व्यवस्था रहेगी।

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