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राज्य का कर्तव्य है कि हर नागरिक के जीवन की रक्षा करे, भले ही वह जेल में हो : हाईकोर्ट
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राज्य का कर्तव्य है कि वह हर नागरिक के जीवन की रक्षा करे, भले ही वह जेल में हो। हत्या के आरोपी का इलाज नहीं कराने के मामले में नाराजगी जताते हुए यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल खंडपीठ ने की है। मामले में पुलिसकर्मियों की चुनावी ड्यूटी का हवाला दिया गया था। इस पर न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने कहा कि चुनाव या किसी दूसरे काम में व्यस्तता के कारण जेल में निरुद्ध बंदी का इलाज कराने से मना नहीं किया जा सकता है।
देवरिया के कयामुद्दीन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें बताया गया कि एडिशनल सेशन जज ने देवरिया जिला जेल के जेल अधीक्षक को याची का इलाज कराने का निर्देश दिया था। इस पर जेल अधीक्षक ने चुनाव के चलते पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए इलाज कराने से इन्कार कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम देवरिया और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और अपने व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया था। डीएम व एसपी ने न्यायालय को बताया कि याची का इलाज जिला जेल में चल रहा है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है। कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकृत तथ्य है कि पुलिस बल की कमी की वजह से याची को संबंधित डॉक्टर के समक्ष पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जेल के कैदियों को समय पर और उचित उपचार मिले।
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देवरिया के कयामुद्दीन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें बताया गया कि एडिशनल सेशन जज ने देवरिया जिला जेल के जेल अधीक्षक को याची का इलाज कराने का निर्देश दिया था। इस पर जेल अधीक्षक ने चुनाव के चलते पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए इलाज कराने से इन्कार कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम देवरिया और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और अपने व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया था। डीएम व एसपी ने न्यायालय को बताया कि याची का इलाज जिला जेल में चल रहा है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है। कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकृत तथ्य है कि पुलिस बल की कमी की वजह से याची को संबंधित डॉक्टर के समक्ष पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जेल के कैदियों को समय पर और उचित उपचार मिले।
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