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विधानसभा में उठा आरओ/एआरओ परीक्षा का मु्द्दा
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Issue of RO ARO examination in the assembly
विधान परिषद में उठा आरआरे/एआरओ परीक्षा का मुद्दा
0 परीक्षा के दौरान निर्धारित अर्हता बदले जाने का विरोध
प्रयागराज, 14 फरवरी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 का मुद्दा विधान परिषद में उठाया गया है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा है कि परीक्षा के बीच में ही अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित योग्यता को बदल दिया गया और इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी छंट गए।
आयोग ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 के तहत ओ-लेवल प्रमाणपत्र या समकक्ष और कम से कम एक वर्षीय डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस की योग्यता निर्धारित की थी। इसी आधार पर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा कराई गई लेकिन बीच में ही योग्यता का पैमाना बदल दिया गया। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी टाइप टेस्ट में शामिल होने से वंचित रह गए। एमएलसी का आरोप है कि आयोग अब गलत तरीके से अंतिम चयन परिणाम जारी करने की तैयारी में है। इससे छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। एमएलसी ने मांग की है कि पूर्व निर्धारित अर्हता के अनुरूप वंचित अभ्यर्थियों का टाइप टेस्ट कराया जाए और इसके बाद ही अंतिम चयन परिणाम जारी किया जाए। एमएलसी की ओर से मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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0 परीक्षा के दौरान निर्धारित अर्हता बदले जाने का विरोध
प्रयागराज, 14 फरवरी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 का मुद्दा विधान परिषद में उठाया गया है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा है कि परीक्षा के बीच में ही अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित योग्यता को बदल दिया गया और इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी छंट गए।
आयोग ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 के तहत ओ-लेवल प्रमाणपत्र या समकक्ष और कम से कम एक वर्षीय डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस की योग्यता निर्धारित की थी। इसी आधार पर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा कराई गई लेकिन बीच में ही योग्यता का पैमाना बदल दिया गया। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी टाइप टेस्ट में शामिल होने से वंचित रह गए। एमएलसी का आरोप है कि आयोग अब गलत तरीके से अंतिम चयन परिणाम जारी करने की तैयारी में है। इससे छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। एमएलसी ने मांग की है कि पूर्व निर्धारित अर्हता के अनुरूप वंचित अभ्यर्थियों का टाइप टेस्ट कराया जाए और इसके बाद ही अंतिम चयन परिणाम जारी किया जाए। एमएलसी की ओर से मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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