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इजरायल जैसी होगी सीमाओं की सुरक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:39 PM IST
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमाआें की सुरक्षा के लिए इजरायली सुरक्षा तकनीक अपनाई जाएगी। इसे प्रधानमंत्री ने सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। 3488 किमी लंबी भारत-चीन अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बेहतर तरीके से निगरानी को सेना और आईटीबीपी की आवाजाही को और अधिक सुगम बनाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पर 37 सड़कें बनेंगी। बेहतर संचार सुविधाओं के लिए 123 मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे।
बुधवार को कटौला, गौसपुर स्थित 18वीं बटालियन आईटीबीपी के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की साख तेजी से बढ़ी है। भारत अमेरिका सहित पड़ोसी देशों से भी बेहतर संबंध चाहता है जिसके लिए सरकार के हर राजनीतिक , कूटनीतिक प्रयास जारी हैं लेकिन पड़ोसी देशों को भी सार्थक पहल करनी होगी। दो देशों के बीच की दोस्ती किसी भी तीसरे देश को नागवार नहीं गुजरनी चाहिए। भारतीय संस्कृति ने सदैव वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है और हमारी सरकार इसी संदेश के साथ अग्रसर हैं। भारत-चीन सीमा विवाद का हल जरूरी है। भारतीय पक्ष के साथ चीन का रुख भी सकारात्मक है उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा, देश की सुरक्षा में आईटीबीपी का योगदान उल्लेखनीय है। चाहे अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमला या फिर 2013 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा, अर्धसैनिक बल के अधिकारियों, जवानों ने दायित्व निर्वाह की अद्भुत मिसाल पेश की है। आईटीबीपी ने देश की सीमाओं की रक्षा के साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकोें में भी बखूबी सुरक्षा की कमान संभाली है। देशवासियों में इसके प्रति विश्वास और बढ़ा है।
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इससे पहले गृहमंत्री ने नवनिर्मित भवन का लोकार्पण और सलामी गारद का निरीक्षण किया। गृहमंत्री ने प्रोटोकाल को दरकिनार कर सैनिकों से भी मुलाकात की। देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना सहित उन्होंने उनकी समस्याएं भी जानीं। उनसे मिलकर गद्गद सैनिकों ने कहा, गृहमंत्री से मुलाकात के क्षण अविस्मरणीय हैं। कार्यक्रम में सांसद केशव प्रसाद मौर्य, विनोद सोनकर, महेंद्रनाथ पांडेय के अतिरिक्त आईटीबीपी के महानिदेशक प्रकाश मिश्रा, महानिरीक्षक पीके धस्माना व कमांडिंग आफिसर नरेश शौकंद, समेत सभी अधिकारी, सैनिक उपस्थित थे।
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बुधवार को कटौला, गौसपुर स्थित 18वीं बटालियन आईटीबीपी के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की साख तेजी से बढ़ी है। भारत अमेरिका सहित पड़ोसी देशों से भी बेहतर संबंध चाहता है जिसके लिए सरकार के हर राजनीतिक , कूटनीतिक प्रयास जारी हैं लेकिन पड़ोसी देशों को भी सार्थक पहल करनी होगी। दो देशों के बीच की दोस्ती किसी भी तीसरे देश को नागवार नहीं गुजरनी चाहिए। भारतीय संस्कृति ने सदैव वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है और हमारी सरकार इसी संदेश के साथ अग्रसर हैं। भारत-चीन सीमा विवाद का हल जरूरी है। भारतीय पक्ष के साथ चीन का रुख भी सकारात्मक है उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
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गृहमंत्री ने कहा, देश की सुरक्षा में आईटीबीपी का योगदान उल्लेखनीय है। चाहे अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमला या फिर 2013 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा, अर्धसैनिक बल के अधिकारियों, जवानों ने दायित्व निर्वाह की अद्भुत मिसाल पेश की है। आईटीबीपी ने देश की सीमाओं की रक्षा के साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकोें में भी बखूबी सुरक्षा की कमान संभाली है। देशवासियों में इसके प्रति विश्वास और बढ़ा है।
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इससे पहले गृहमंत्री ने नवनिर्मित भवन का लोकार्पण और सलामी गारद का निरीक्षण किया। गृहमंत्री ने प्रोटोकाल को दरकिनार कर सैनिकों से भी मुलाकात की। देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना सहित उन्होंने उनकी समस्याएं भी जानीं। उनसे मिलकर गद्गद सैनिकों ने कहा, गृहमंत्री से मुलाकात के क्षण अविस्मरणीय हैं। कार्यक्रम में सांसद केशव प्रसाद मौर्य, विनोद सोनकर, महेंद्रनाथ पांडेय के अतिरिक्त आईटीबीपी के महानिदेशक प्रकाश मिश्रा, महानिरीक्षक पीके धस्माना व कमांडिंग आफिसर नरेश शौकंद, समेत सभी अधिकारी, सैनिक उपस्थित थे।