इलाहाबाद की इशरत बनीं सुरवीर की विजेता
इशरत को गाने का शौक चार साल की उम्र में ही लगा था। मां जीनत जहां ने उनके शौक को चार चांद लगाया। बेटी के सपनों को पूरा करने को कदम से कदम मिलाया। प्रयाग संगीत समिति से प्रभाकर इशरत कहती हैं, संगीत की दूसरी प्रतियोगिताओं की तरह ही उन्हें भी विजेता बनने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। दिसंबर 2015 में ऑडिशन में चयनित किया गया। अंतिम पड़ाव में यूपी से वह अकेले थीं जबकि बिहार से तीन लोग मुकाबले में थे लेकिन जजों संगीतकार श्रवण और गायिका अनुराधा पौडवाल के अंक और लोगों की वोटिंग ने उन्हें विजेता बना दिया।