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विवि की प्रवेश परीक्षा में भारी अनियमितता

Sat, 25 Jun 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 25 Jun 2016 01:10 AM IST
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Irregularities in the university entrance examination
इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की शुक्रवार को आयोजित परास्नातक (पीजीएटी) तथा अन्य पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा में व्यापक गड़बड़ी की शिकायत रही। पेपर वायरल होने तथा नकल की शिकायत तो रही ही प्रश्नों और ओएमआर शीट केक्रम को लेकर भी अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति रही। स्पष्ट निर्देश नहीं होने की वजह से कई केंद्रों पर परीक्षा के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र का सील भी खुला हुआ था। इससे नाराज परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा भी किया। अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद कुलपति दफ्तर पर भी प्रदर्शन किया। वे दोबारा परीक्षा कराने तथा कुलपति और प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे।
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स्नातक और क्रेट के बाद परास्नातक प्रवेश परीक्षा भी मजाक बन कर रह गई। पूर्व की परीक्षाओं से सबक लेने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हीं गड़बड़ियों को फिर दोहराया। पीजीएटी के अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन का अलग पेपर मिला, जिसमें 40 प्रश्न थे। इसके कुछ देर बाद उन्हें विषय के पेपर मिले। गौर करने वाली बात यह रही विषय के 35 प्रश्नों के अलावा उनमें भी सामान्य अध्ययन के 40 प्रश्न शामिल रहे। ऐसा हर विषय के पेपर में रहा। इसके विपरीत उस पर कोई निर्देश नहीं रहा। कई केंद्रों पर घोषणा की गई कि विषय वाले पेपर में शामिल सामान्य अध्ययन के प्रश्न नहीं करने हैं, लेकिन कई अन्य पर इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया।

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इसके अलावा सामान्य अध्ययन के 40 प्रश्नों के बाद विषय के सवालों का क्रम फिर से एक से शुरू हुआ। जबकि, ओएमआर शीट में 40 के बाद क्रम 41 से शुरू हुआ। इतना ही नहीं अनुक्रमांक, बुकलेट सीरीज के लिए निर्धारित बॉक्स की संख्या भी कम थी। खास यह कि उन्हें स्पष्ट जानकारी देने वाला भी कोई नहीं था। इससे उनमें ऊहापोह की स्थिति रही। कई अभ्यर्थियों ने तो हर पेपर में सामान्य अध्ययन के प्रश्नों के जवाब दिए। कई केंद्र पर अभ्यर्थियों का आरोप रहा कि आखिरी पेपर परीक्षा खत्म होने के 15 मिनट पहले मिला। उनका आरोप था कि पेपर वितरण को लेकर भी काफी अराजकता रही। अफरा-तफरी के इस माहौल के बीच परीक्षा की शुचिता का तो कोई ध्यान नहीं रहा और अभ्यर्थी इधर-उधर घूमते रहे। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का कहना था कि परीक्षा केंद्रों में कई अनाधिकृत लोग भी पहुंचे थे।

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अव्यवस्था से नाराज अभ्यर्थियों क ा छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा हुआ। एएन झा हॉस्टल के छात्र जुलूस बनाकर छात्रसंघ भवन पर पहुंचे। वहां से छात्र नारेबाजी करते हुए कुलपति दफ्तर पर पहुंचे। उन्हाेंने कुलपति और प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक के खिलाफ नारेबाजी की। परीक्षा निरस्त कराने की  मांग का उन्हाेंने ज्ञापन सौंपा। वे प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक को बर्खास्त करने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे थे। ज्ञापन चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी ने लिया। एसएफआई से जुड़े छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर विश्वविद्यालय का पुतला दहन किया। पुतला दहन करने वालों में जय प्रकाश, शिवम, सूर्या, किशन आदि शामिल रहे। छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने प्रवेश परीक्षाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। मानव संसाधन विकास मंत्री से शिकायत के साथ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की भी चेतावनी दी।


प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह का कहना है कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। ओएमआरशीट में हर पेपर के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित था। जरूरी निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि 18 जिलों में 80 ऑनलाइन तथा 25 ऑफलाइन केंद्रों पर परीक्षा हुई। ऑफलाइन में 94 तथा ऑनलाइन में 81 प्रतिशत उपस्थिति रही।


इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक बार फिर बड़े आंदोलन की भूमिका तैयार होती दिख रही है। शोध, परास्नातक तथा अन्य पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाआें में गड़बड़ी के विरोध में छात्रों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। दिन में 11 बजे उनका छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा होगा। वहां से वे कुलपति दफ्तर जाएंगे। परीक्षार्थियों से प्रवेश पत्र भी लाने के लिए गया है। शुक्रवार को कुलपति दफ्तर पर पहुंचे छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा कराने तथा अन्य मांगे नहीं मानी गईं तो वे धरना देंगे। शनिवार को ही विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक है। उसमें कई अहम मुद्दों पर निर्णय होना है। परीक्षा में अव्यवस्था से नाराज छात्रों ने कार्यपरिषद सदस्यों से शिकायत के साथ बैठक में व्यवधान पहुंचाने की चेतावनी भी दी है।




विश्वविद्यालय की ऑनलाइन परास्नातक प्रवेश परीक्षा में भी कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई बार सर्वर ने धोखा दिया तो बिजली भी कटी। इसकी वजह से परीक्षार्थियों में काफी नाराजगी रही। विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना है कि सीएमपी डिग्री कालेज में परीक्षा के दौरान एक मोबाइल पकड़ा गया है। प्रोफेसर बीएन सिंह ने बताया कि उसमें प्रवेश परीक्षा से संबंधित कुछ आपत्तिजनक चीजे हैं। उसकी जांच की जा रही है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि पेपर कैसे वायरल हुआ और गड़बड़ी कहां से हुई।

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