{"_id":"690f373f3dda58a2fb082fcd","slug":"interim-stay-on-order-cancelling-election-of-councillor-ruby-parveen-hearing-to-be-held-on-december-15-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : पार्षद रूबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक, अब 15 दिसंबर को होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : पार्षद रूबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक, अब 15 दिसंबर को होगी सुनवाई
Sat, 08 Nov 2025 05:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Nov 2025 05:57 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट मुरादाबाद के वार्ड 69 की पार्षद रुबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादी संख्या 1 और 13 को नोटिस जारी करते हुए 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है।
विज्ञापन
अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट मुरादाबाद के वार्ड 69 की पार्षद रुबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादी संख्या 1 और 13 को नोटिस जारी करते हुए 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने रुबी परवीन की ओर से दायर प्रथम अपील पर दिया है।
विज्ञापन
मुरादाबाद के वार्ड 69 से रुबी परवीन पार्षद निर्वाचित हुईं थी। इसके खिलाफ सपा समर्थित प्रत्याशी अर्शी ने चुनाव याचिका एडीजे कोर्ट के समक्ष दायर की। एडीजे कोर्ट ने मतदाता सूची में रूबी परवीन का नाम न होने के आधार पर उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसके साथ चुनाव में दूसरे स्थान पर रही अर्शी को विजयी घोषित कर दिया। इस फैसले को रुबी परवीन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
विज्ञापन
अपीलकर्ता के अधिवक्ता इरशाद अहमद ने दलील दी कि सपा उम्मीदवार का दावा था कि अपीलकर्ता का नाम नगर निगम की मतदाता सूची में नहीं था और इस कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थीं। जबकि अपीलकर्ता का नाम मतदाता सूची के क्रम संख्या 1151 पर था, लेकिन उनके पिता का नाम अख्तर खान गलत दर्ज था। संशोधित मतदाता सूची में पिता का नाम अफसर अली दर्शाया गया था। एडीजे कोर्ट ने इस पर ध्यान नहीं दिया। एडीजे कोर्ट ने प्रतिवाद संख्या एक अर्शी को निर्वाचित घोषित करके गलती की, क्योंकि जहां कई उम्मीदवार होते हैं, वहां निर्वाचित उम्मीदवार को अयोग्य पाए जाने पर भी ऐसा एलान नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्रतिवादी अर्शी और प्रतिवादी संख्या 13 तथा चुनाव अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। इसके साथ ही अगले आदेश तक एडीजे कोर्ट मुरादाबाद 24 सितंबर 2025 को पारित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।