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अंतर्जनपदीय तबादले के पहले 2500 आवेदन निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:56 AM IST
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शिक्षक नौकरी
- फोटो : getty
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तबादले की अर्हता पूरी नहीं करने के बाद भी प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने प्रमाण पत्रों में हेरफेर करके आवेदन कर दिया। आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आने पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने लगभग 2500 आवेदन निरस्त कर दिए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर अंतर्जनपदीय तबादले के लिए आवेदन जुलाई के पहले सप्ताह में मांगे गए थे।
आवेदन पत्रों की जांच में पता चला कि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी करके फर्जी तरीके से ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसमें एक हजार से अधिक ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं जो आवेदन तो किए थे, परंतु वह काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए, इनके आवेदन भी निरस्त कर दिए गए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बताया कि अंतर्जनपदीय तबादले के लिए प्रदेश भर में लगभग 23 हजार आवेदन आए हैं।
इसमें करीब 1500 आवेदन ऐसे हैं, जिनका शिक्षण के दौरान जिले में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, परंतु इन शिक्षकों ने प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी करके आवेदन कर दिया। सचिव संजय सिन्हा के अनुसार अंतर्जनपदीय तबादले 30 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हो जाएगा, उनको एक सप्ताह के भीतर संबंधित जिले के स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करना होगा, कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादले कोडिंग के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों की संख्या एवं क्रम का आसान से पता चल सकेगा। परिषद ने विकलांग शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए कोडिंग ‘ए’, सेवा के आश्रितों के लिए ‘बी’, विधवा हैं तो ‘सी’ कोडिंग होगी, इसी प्रकार की कोडिंग अन्य वर्गों के लिए की गई है। इससे गड़बड़ी पकड़ में आएगी।
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आवेदन पत्रों की जांच में पता चला कि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी करके फर्जी तरीके से ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसमें एक हजार से अधिक ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं जो आवेदन तो किए थे, परंतु वह काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए, इनके आवेदन भी निरस्त कर दिए गए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बताया कि अंतर्जनपदीय तबादले के लिए प्रदेश भर में लगभग 23 हजार आवेदन आए हैं।
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इसमें करीब 1500 आवेदन ऐसे हैं, जिनका शिक्षण के दौरान जिले में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, परंतु इन शिक्षकों ने प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी करके आवेदन कर दिया। सचिव संजय सिन्हा के अनुसार अंतर्जनपदीय तबादले 30 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हो जाएगा, उनको एक सप्ताह के भीतर संबंधित जिले के स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करना होगा, कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादले कोडिंग के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों की संख्या एवं क्रम का आसान से पता चल सकेगा। परिषद ने विकलांग शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए कोडिंग ‘ए’, सेवा के आश्रितों के लिए ‘बी’, विधवा हैं तो ‘सी’ कोडिंग होगी, इसी प्रकार की कोडिंग अन्य वर्गों के लिए की गई है। इससे गड़बड़ी पकड़ में आएगी।