{"_id":"611a85df8ebc3e432f2e0598","slug":"instruction-to-district-school-inspector-to-appoint-married-daughter-in-dependent-quota","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता पुत्री को आश्रित कोटे में नियुक्ति देने का जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाहिता पुत्री को आश्रित कोटे में नियुक्ति देने का जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश
Mon, 16 Aug 2021 09:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 16 Aug 2021 09:05 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाहिता पुत्री को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने से इंकार करने के जिला विद्यालय निरीक्षक फतेहपुर के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है और तीन माह में याची नियुक्ति के लिए अर्ह मानते हुए आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
मुकदमा
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाहिता पुत्री को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने से इंकार करने के जिला विद्यालय निरीक्षक फतेहपुर के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है और तीन माह में याची नियुक्ति के लिए अर्ह मानते हुए आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह कहते हुए याची को आश्रित कोटे में नियुक्ति देने से इंकार कर दिया था कि विधवा , तलाकशुदा पुत्री ही नियुक्ति पाने की हकदार हैं।
विज्ञापन
विवाहिता पुत्री को नहीं।याची ने विमला श्रीवास्तव केस का हवाला देकर कहा कि कोर्ट ने विवाहित पुत्र की तरह विवाहिता पुत्री को भी आश्रित कोटे में नियुक्ति प्राप्त करने का हकदार माना है और कहा है कि लिंग के आधार पर भेद नहीं किया जा सकता। जिस पर कोर्ट ने नये सिरे से नियुक्ति पर आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने श्रीमती रेखा देवी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।याची का कहना था कि उसकी मां राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहपुर में परिचारिका थी। सेवाकाल में उसकी मृत्यु हो गई।याची ने आश्रित कोटे में नियुक्ति की अर्जी दी। जिसे डी आई ओ एस ने निरस्त कर दिया था।इस आदेश को चुनौती दी गई थी।
विज्ञापन