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आईपीएस के रिश्तेदार पर चल रहे मुकदमे की जानकारी तलब
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Information related to ongoing case against IPS relative
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा के रिश्तेदार और अन्य आरोपियों पर दर्ज लूट, डकैती और हत्या के प्रयास के मुकदमे की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। इस मामले को लेकर औरैया के विधुना थाने में तैनात दरोगा अंकित शर्मा ने याचिका दाखिल की है। जिस पर कोर्ट ने केस डायरी के साथ विवेचनाधिकारी को 25 सितंबर को तलब किया है। कोर्ट ने पुलिस को विवेचना निष्पक्ष तरीके से पूरी करने का भी आदेश दिया है।
अंकित शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह सुनवाई कर रहे हैं। याचिका पर अधिवक्ता विमलेंदु त्रिपाठी ने बहस की।
याची का कहना है कि दरोगा पद पर चयनित होने के बाद उसकी पहली तैनाती विधुना थाने में की गई। उसने असलहों के साथ छह लोगों सचिन दोहरे, गौरी, कमल यादव, नीलेश यादव, आकाश कुमार और अजय यादव को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने अभियुक्तों को सम्मन जारी किया है।
इसके बाद कमल यादव की पत्नी नेहा ने आईजी कानपुर नगर से शिकायत कर पुनर्विवेचना की मांग की। आईजी ने एएसपी कन्नौज से जांच रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में गिरफ्तारी और बरामदगी को संदेहास्पद माना गया। जिस पर एसपी औरैया से दोषी अधिकारी पर जांच कर कार्यवाही करने को कहा। एसपी ने स्वयं 15 अक्तूबर 2018 को जांच शुरू की है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।
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याची दरोगा का आरोप है कि जांच की कार्यवाही एक आरोपी के आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा सेरिश्ते के कारण दबाव में की गई है। कोर्ट के पूछने पर सरकार द्वारा संक्षिप्त हलफनामा दाखिल किया गया। जिसमें याची के आरोपों के बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई है। कोर्ट ने विवेचनाधिकारी से आईपीएस सिकेरा के एक आरोपी से रिश्ते के बाबत जानकारी मांगी है। सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
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अंकित शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह सुनवाई कर रहे हैं। याचिका पर अधिवक्ता विमलेंदु त्रिपाठी ने बहस की।
याची का कहना है कि दरोगा पद पर चयनित होने के बाद उसकी पहली तैनाती विधुना थाने में की गई। उसने असलहों के साथ छह लोगों सचिन दोहरे, गौरी, कमल यादव, नीलेश यादव, आकाश कुमार और अजय यादव को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने अभियुक्तों को सम्मन जारी किया है।
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इसके बाद कमल यादव की पत्नी नेहा ने आईजी कानपुर नगर से शिकायत कर पुनर्विवेचना की मांग की। आईजी ने एएसपी कन्नौज से जांच रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में गिरफ्तारी और बरामदगी को संदेहास्पद माना गया। जिस पर एसपी औरैया से दोषी अधिकारी पर जांच कर कार्यवाही करने को कहा। एसपी ने स्वयं 15 अक्तूबर 2018 को जांच शुरू की है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।
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याची दरोगा का आरोप है कि जांच की कार्यवाही एक आरोपी के आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा सेरिश्ते के कारण दबाव में की गई है। कोर्ट के पूछने पर सरकार द्वारा संक्षिप्त हलफनामा दाखिल किया गया। जिसमें याची के आरोपों के बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई है। कोर्ट ने विवेचनाधिकारी से आईपीएस सिकेरा के एक आरोपी से रिश्ते के बाबत जानकारी मांगी है। सुनवाई 25 सितंबर को होगी।