इंदिरा मैराथन : तकनीकी टीम ने रूट की नापजोख की, 42 किलोमीटर लंबी होगी रेस
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इंदिरा मैराथन की तैयारियां तेज हो गईं हैं। 19 नवंबर को होने वाली मैराथन के लिए रूट की मार्किंग शुरू कर दी गई है। 42.195 किमी की शुरूआत आनंद भवन से होगी। यहां पर जीरो मार्क किया गया है जबकि समापन मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में होगा। मैराथन के लिए तकनीकी टीम ने रूट की नापजोख शुरू कर दी है।
शनिवार को मार्किंग से पहले मेजरिंग विल की टेक्निकल टीम ने रूट की नाप-जोख शुरू कर दी है। रूट पर निर्धारित दूरी पर किलोमीटर के निशान अंकित किए जाएंगे। इसके साथ ही रूट में जलपान के काउंटर भी लगाए जाएंगे। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि एथलीटों की रजिस्ट्रेशन संख्या में 15 नवंबर के बाद बढ़ेगी, क्योंकि धावक सीधे मैराथन में हिस्सा लेने के लिए एक-दो दिन पहले ही पहुंचेंगे। वर्ष 2019 में इंदिरा मैराथन में नौ हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की थी।
इस साल चार किमी और 10 किमी दौड़ नहीं होगी
इंदिरा मैराथन की स्पर्धाओं में इस बार कटौती होगी। आयोजकों ने चार किलोमीटर और 10 किलोमीटर दौड़ इस बार नहीं कराने का फैसला लिया है। इस कारण इस वर्ष मैराथन में एथलीटों की संख्या में कमी देखने को मिल सकती है।
ये होंगी व्यवस्थाएं
- निर्धारित रूट पर दवाओं की किट और एंबुलेंस मौजूद रहेगी।
- मैराथन के दिन रूट को यातायात विभाग नियंत्रित करेगा।
- निर्धारित रूट की सड़क को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है।
- रास्ते में जलपान काउंटर लगेंगे।
पुरस्कार वितरण समारोह के लिए स्टेडियम में तैयारियां तेज
इंदिरा मैराथन में विजेताओं को पुरस्कार वितरण समारोह मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में संपन्न होगा। इसके लिए लिए तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। स्टेडियम की रंगाई पुताई का चल रहा है। मैदान की घास की कटाई, पेड़ों की छटाई और खराब लाइटें को बदलने का कार्य जारी है। पुरस्कार वितरण के लिए मैदान में मंच तैयार किया जाएगा। जहां पर आए हुए अतिथियों की बैठने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं स्टेडियम के मुख्य द्वार के अलावा दूसरे द्वार भी खोले जाएंगे। धावकों को फिनिसिंग लाइन पार करने के लिए पश्चिमी द्वार का इस्तेमाल होगा।