Independence Day 2020: प्रयागराज में हुई थी महात्मा गांधी के हाथों बने दांडी के नमक की नीलामी
दांडी यात्रा के समय महात्मा गांधी के हाथों बनाया गया नमक इलाहाबाद संग्रहालय में संजो कर रखा गया है। तब दांडी से लाए गए नमक की प्रयागराज में छह सौ रुपये में नीलामी हुई थी। उस नमक की नीलामी से मिली धनराशि को स्वतंत्रता आंदोलन में लगाया गया था। इस नमक को गांधी बीथिका में प्रदर्शित किया जाएगा।
इलाहाबाद संग्रहालय में दांडी के नमक की नीलामी से जुड़े दस्तावेज भी सुरक्षित हैं। नीलामी दस्तावेज के मुताबिक 6 अप्रैल 1930 को महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के अपने सहयोगियों के साथ इस नमक को बनाया था। साबरमती आश्रम से 24 दिन की यात्रा कर पांच अप्रैल 1930 को महात्मा गांधी अपने समर्थकों के साथ अंग्रेजों के नमक कानून तोड़ने के लिए दांडी पहुंचे थे।
इस यात्रा के जरिए बापू ने समुद्र के किनारे बसे शहर दांडी में औपनिवेशिक भारत में नमक बनाने के लिए अंग्रेजों के एकछत्र अधिकार वाले कानून को तोड़कर और नमक बनाया था। नमक सत्याग्रह समाप्त होने के बाद उस नमक के दो पैकेट इलाहाबाद गए गए थे। यहां लाए गए बापू के बनाए दांडी के नमक की नीलामी कराई गई थी। तब उस नमक को शहर के ही एसके दर ने अपने मित्र की मदद से छह सौ रुपये की बोली लगाकर ले लिया था।
मौजूदा समय गांधी बीथिका का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद उस नमक को गांधी बीथिका में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि देश-दुनिया के पर्यटक उसे देखने के साथ ही उन पुराने संघर्षों की गाथा को याद कर सकें। डॉ सुनील गुप्ता, निदेशक-इलाहाबाद संग्रहालय।