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विवि में बढ़ी आवेदकों की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 10 May 2016 02:21 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए इस बार अधिक चुनौती मिलेगी। तकरीबन हर पाठ्यक्रम के लिए पूर्व की तुलना में अधिक आवेदन हुए हैं। स्नातक प्रवेश परीक्षा (यूजीएटी) के लिए इस बार 69126 आवेदन हुए हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। यह रविवार तक की संख्या है। रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या 101589 है। सोमवार को फीस जमा करने की आखिरी तारीख रही। ऐसे में आवेदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
इनमें सबसे अधिक बीएससी गणित के लिए 26107 तथा बीएससी जीव विज्ञान के लिए 7113 आवेदन पहुंचे हैं। बीए के लए 23828 तथा बीकॉम के लिए 11146 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। यूजीएटी में 5629 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प मांगा है। 63497 विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। परास्नातक प्रवेश परीक्षा के लिए भी 23510 आवेदन हुए हैं। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि बीएड के लिए 3236, बीएएलएलबी के लिए 3890, क्रेट के लिए 3470, आईपीएस के लिए 1891, एलएलबी के लिए 12922, एलएलएमके लिए 1737 और एमएड के लिए 775 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। फीस मंगलवार तक जमा होगा। ऐसे में आवेदकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
ग्लोबलाइजेशन में अब स्नातक नहीं
बीपीई में भी इस साल दाखिला नहीं, नए पाठ्यक्रम के लिए नए सिरे से लेनी होगी अनुमति
इलाहाबाद(ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अब ग्लोबलाइजेशन एंड डेवलपमेंट विषय में स्नातक की पढ़ाई नहीं होगी। यूजीसी ने इस सब्जेक्ट की मान्यता खत्म कर दी है। इसलिए इस विषय को स्नातक प्रवेश परीक्षा से भी बाहर कर दिया गया है। हालांकि इस विषय में परास्नातक की पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं इस साल बीपीई में भी प्रवेश नहीं होगा। एनसीटीई ने शारीरिक शिक्षा में स्नातक के चार साल के कोर्स बीपीएड को मान्यता दी है। ऐेसे में तीन वर्षीय बीपीई कोर्स की मान्यता खत्म हो गई है। इसकी वजह से आगामी सत्र के लिए बीपीई में दाखिला नहीं लिया जाएगा। इसके बाद भी बीपीएड कोर्स शुरू करने के लिए कोर्स तथा सिलेबस की एनसीटीई से मान्यता लेनी होगी। प्रोफेसर बीएन सिंह ने बताया कि इसकी वजह से इन दोनों विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन नहीं मांगे गए। हालांकि परास्नातक और डीफिल के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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39 थर्ड जेंडर ने भी किया आवेदन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए थर्ड जेंडर के अंतर्गत 39 आवेदन पहुंचे हैं। इनमें से स्नातक की पढ़ाई के लिए 13 थर्ड जेंडर ने आवेदन किया है। परास्नातक के लिए 16 थर्ड जेंडर के आवेदन पहुंचे हैं।
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इनमें सबसे अधिक बीएससी गणित के लिए 26107 तथा बीएससी जीव विज्ञान के लिए 7113 आवेदन पहुंचे हैं। बीए के लए 23828 तथा बीकॉम के लिए 11146 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। यूजीएटी में 5629 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प मांगा है। 63497 विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। परास्नातक प्रवेश परीक्षा के लिए भी 23510 आवेदन हुए हैं। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि बीएड के लिए 3236, बीएएलएलबी के लिए 3890, क्रेट के लिए 3470, आईपीएस के लिए 1891, एलएलबी के लिए 12922, एलएलएमके लिए 1737 और एमएड के लिए 775 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। फीस मंगलवार तक जमा होगा। ऐसे में आवेदकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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ग्लोबलाइजेशन में अब स्नातक नहीं
बीपीई में भी इस साल दाखिला नहीं, नए पाठ्यक्रम के लिए नए सिरे से लेनी होगी अनुमति
इलाहाबाद(ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अब ग्लोबलाइजेशन एंड डेवलपमेंट विषय में स्नातक की पढ़ाई नहीं होगी। यूजीसी ने इस सब्जेक्ट की मान्यता खत्म कर दी है। इसलिए इस विषय को स्नातक प्रवेश परीक्षा से भी बाहर कर दिया गया है। हालांकि इस विषय में परास्नातक की पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं इस साल बीपीई में भी प्रवेश नहीं होगा। एनसीटीई ने शारीरिक शिक्षा में स्नातक के चार साल के कोर्स बीपीएड को मान्यता दी है। ऐेसे में तीन वर्षीय बीपीई कोर्स की मान्यता खत्म हो गई है। इसकी वजह से आगामी सत्र के लिए बीपीई में दाखिला नहीं लिया जाएगा। इसके बाद भी बीपीएड कोर्स शुरू करने के लिए कोर्स तथा सिलेबस की एनसीटीई से मान्यता लेनी होगी। प्रोफेसर बीएन सिंह ने बताया कि इसकी वजह से इन दोनों विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन नहीं मांगे गए। हालांकि परास्नातक और डीफिल के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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39 थर्ड जेंडर ने भी किया आवेदन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए थर्ड जेंडर के अंतर्गत 39 आवेदन पहुंचे हैं। इनमें से स्नातक की पढ़ाई के लिए 13 थर्ड जेंडर ने आवेदन किया है। परास्नातक के लिए 16 थर्ड जेंडर के आवेदन पहुंचे हैं।