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यूपीपीएससी पर बढ़ा संकट, कर्मचारी 10 से करेंगे कार्य बहिष्कार
Fri, 07 Jun 2019 01:14 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 07 Jun 2019 01:14 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के कर्मचारियों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव को ज्ञापन देकर कहा कि अगर नौ जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 जून से समग्र कार्य बहिष्कार और अनशन शुरू कर दिया जाएगा। कर्मचारियों की इस चेतावनी से एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों की 11 जून से शुरू होने जा रही सत्यापन की प्रक्रिया पर भी संकट मंडराने लगा है।
वैसे भी पूरी परीक्षा विवादों में आ चुकी है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की 11 जून से प्रस्तावित सत्यापन प्रक्रिया पर पहले से ही संकट मंडरा रहा है और जिन विषयों के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं, उनके रिजल्ट भी फिलहाल फंस गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की चेतावनी से मामला और गंभीर हो गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कर्मचारी/संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध सिंह और सचिव जगदीश को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि आयोग कर्मियों की सत्यनिष्ठा पर लगे ग्रहण और बिना पर्याप्त सुबूतों के परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी से वे आहत हैं।
सोशल मीडिया पर आयोग एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहे जा रहे हैं और जान से मारने की धमकी मिल रही है। ऐसे में कर्मचारियों को अब अपने आंदोलन को विस्तार देना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि प्रकरण की जांच न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए, मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए और आयोग के प्रत्येक कर्मचारी की संपत्ति की जांच कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि नौ जून तक उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 10 जून से समग्र कार्य बहिष्कार और अनशन होगा। कर्मचारियों ने ज्ञापन की कॉपी आयोग के सभी सदस्यों, सभी प्रभारियों एवं अधिकारियों और अनुभाग अधिकारियों को भी प्रेषित की है।
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वैसे भी पूरी परीक्षा विवादों में आ चुकी है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की 11 जून से प्रस्तावित सत्यापन प्रक्रिया पर पहले से ही संकट मंडरा रहा है और जिन विषयों के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं, उनके रिजल्ट भी फिलहाल फंस गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की चेतावनी से मामला और गंभीर हो गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कर्मचारी/संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध सिंह और सचिव जगदीश को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि आयोग कर्मियों की सत्यनिष्ठा पर लगे ग्रहण और बिना पर्याप्त सुबूतों के परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी से वे आहत हैं।
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सोशल मीडिया पर आयोग एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहे जा रहे हैं और जान से मारने की धमकी मिल रही है। ऐसे में कर्मचारियों को अब अपने आंदोलन को विस्तार देना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि प्रकरण की जांच न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए, मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए और आयोग के प्रत्येक कर्मचारी की संपत्ति की जांच कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि नौ जून तक उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 10 जून से समग्र कार्य बहिष्कार और अनशन होगा। कर्मचारियों ने ज्ञापन की कॉपी आयोग के सभी सदस्यों, सभी प्रभारियों एवं अधिकारियों और अनुभाग अधिकारियों को भी प्रेषित की है।
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पुलिस की गिरफ्त में अंजू कटियार
- फोटो : अमर उजाला
भर्ती में भ्रष्टाचार के विरोध में बृहस्पतिवार को छात्रसंघ भवन में प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया। साथ ही छात्रों ने मांग की कि आयोग के खिलाफ आंदोलन में जिन छात्रों को गिरफ्तार किया गया, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।