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देश के 18 रेलखंडों पर बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 May 2016 02:17 AM IST
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साल भर के भीतर देश के 18 रेलखंडों पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। यह संभव होगा इन रूटों के विद्युतीकरण होने से। केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) इलाहाबाद की तैयारी है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान देश के 18 रेलखंडों पर रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाए। इन रेल खंडों के विद्युतीकरण हो जाने के बाद संबंधित रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। इन 18 रेलखंडों में चार रेलखंड उत्तर प्रदेश के हैं।
कोर की ओर से वर्तमान पंचवर्षीय योजना में देश भर में 6500 रूट किलोमीटर (आरकेएम) के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में इस पंचवर्षीय योजना के चौथे वर्ष तक कोर द्वारा 5631 आरकेएम का विद्युतीकरण किया जा चुका है। वर्तमान समय जिन रूटों पर यह कार्य चल रहा है वहां उसके विद्युतीकरण हो जाने के बाद संबंधित रूट पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ जाएगी।
न रूटों पर इस वित्तीय वर्ष में विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा, उसमें उत्तर प्रदेश के बस्ती-गोरखपुर, छिवकी-मानिकपुर, बुढ़वल-सीतापुर कैंट-रोजा एवं रेनूकूट-मेरालग्राम प्रमुख रूप से शामिल है। छिवकी-मानिकपुर रूट इलाहाबाद को मुंबई से जोड़ता है। इस रेलखंड का काफी हिस्से में विद्युतीकरण का काम अब अंतिम चरण में है। इसके पूरा हो जाने के बाद इलाहाबाद-मुंबई रूट पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी।
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24 घंटे में यह सफर पूरा करने वाली ट्रेनें 20 से 22 घंटे में ही मुंबई की दूरी तय कर लेंगी। इसके अलावा देश के अन्य रूट जहां इस वित्तीय वर्ष में रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने की संभावना है उसमें जम्मूतवी-ऊधमपुर-कटड़ा , रोहतक-जींद-जाखल (हरियाणा), इटारसी-पिपरिया (मध्यप्रदेश), अहमदाबाद-कलोल (गुजरात), मानपुर-तिलैया-बख्तियारपुर (बिहार), खाना-सैथिंया-पाकुड़ (पश्चिमी बंगाल), मानसी-कटिहार-कुमेदपुर-मुकेरिया- गुंजरिया एवं कुमेदपुर-मालदा टाउन (बिहार तथा पश्चिमी बंगाल), टिटलागढ़-सिंगापुर रोड (उड़ीसा), चरवातूर-पनांबूर (केरल), कंगेरी-रामानगरम-येलीयूर-मैसूर (कर्नाटक), गोड़िया-बल्लारशाह (महाराष्ट्र), नालापड्डू-कम्बुम, गुंटकल-धोन (आंध प्रदेश) रेलखंड शामिल है।
‘इस वित्तीय वर्ष में 18 रेलखंडों के विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने की संभावना है। निश्चित ही संबंधित रूट के विद्युतीकृत होने के बाद उसमें चलने वाली ट्रेनों की स्पीड में सुधार आएगा। ’
00 वीके श्रीवास्तव, सीपीआरओ, कोर।
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कोर की ओर से वर्तमान पंचवर्षीय योजना में देश भर में 6500 रूट किलोमीटर (आरकेएम) के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में इस पंचवर्षीय योजना के चौथे वर्ष तक कोर द्वारा 5631 आरकेएम का विद्युतीकरण किया जा चुका है। वर्तमान समय जिन रूटों पर यह कार्य चल रहा है वहां उसके विद्युतीकरण हो जाने के बाद संबंधित रूट पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ जाएगी।
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न रूटों पर इस वित्तीय वर्ष में विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा, उसमें उत्तर प्रदेश के बस्ती-गोरखपुर, छिवकी-मानिकपुर, बुढ़वल-सीतापुर कैंट-रोजा एवं रेनूकूट-मेरालग्राम प्रमुख रूप से शामिल है। छिवकी-मानिकपुर रूट इलाहाबाद को मुंबई से जोड़ता है। इस रेलखंड का काफी हिस्से में विद्युतीकरण का काम अब अंतिम चरण में है। इसके पूरा हो जाने के बाद इलाहाबाद-मुंबई रूट पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी।
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24 घंटे में यह सफर पूरा करने वाली ट्रेनें 20 से 22 घंटे में ही मुंबई की दूरी तय कर लेंगी। इसके अलावा देश के अन्य रूट जहां इस वित्तीय वर्ष में रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने की संभावना है उसमें जम्मूतवी-ऊधमपुर-कटड़ा , रोहतक-जींद-जाखल (हरियाणा), इटारसी-पिपरिया (मध्यप्रदेश), अहमदाबाद-कलोल (गुजरात), मानपुर-तिलैया-बख्तियारपुर (बिहार), खाना-सैथिंया-पाकुड़ (पश्चिमी बंगाल), मानसी-कटिहार-कुमेदपुर-मुकेरिया- गुंजरिया एवं कुमेदपुर-मालदा टाउन (बिहार तथा पश्चिमी बंगाल), टिटलागढ़-सिंगापुर रोड (उड़ीसा), चरवातूर-पनांबूर (केरल), कंगेरी-रामानगरम-येलीयूर-मैसूर (कर्नाटक), गोड़िया-बल्लारशाह (महाराष्ट्र), नालापड्डू-कम्बुम, गुंटकल-धोन (आंध प्रदेश) रेलखंड शामिल है।
‘इस वित्तीय वर्ष में 18 रेलखंडों के विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने की संभावना है। निश्चित ही संबंधित रूट के विद्युतीकृत होने के बाद उसमें चलने वाली ट्रेनों की स्पीड में सुधार आएगा। ’
00 वीके श्रीवास्तव, सीपीआरओ, कोर।