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रोशनी के नाम पर अंधेरगर्दी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 13 Aug 2015 02:07 AM IST
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इलाहाबाद। शहर की बदरत हालत यह साबित करने के लिए काफी है कि नगर निगम प्रशासन कितना काबिल है। निगम प्रशासन की एक और कबिलियत सामने आई है। लाखों रुपये की लागत से खरीदी गईं सोलर लाइटें निगम प्रशासन ने शहर के ऐसे चौराहों पर लगवा दीं, जहां तकनीकी कारणों से सोलर लाइटें काम नहीं कर रहीं। लाइटों की खरीद में भी जमकर घालमेल हुआ। सरकारी एजेंसी नेडा के बजाय निजी कंपनियों से दोगुनी कीमत पर लाइटें खरीदी गईं।
निगम प्रशासन ने तकरीबन 25 लाख 68 हजार रुपये की लागत से 45-45 वॉट की 60 एलईडी सोलर लाइटें खरीदीं। इनमें से 21 लाइटें लगवा दी गईं। सभी लाइटें ऐसे चौराहों पर लगवाई गईं, जहां पहले से हाईमास्ट लगे थे। निगम अफसरों ने इस बात पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया कि अगर रात के वक्त हाईमास्ट का प्रकाश सोलर लाइट के पैनल पर पड़ेगा तो तकनीकी कारणों से सोलर लाइटें नहीं जल सकेंगी। नतीजा कि सभी 21 लाइटें हमेशा बुझी रहती हैं। गड़बड़ी सिर्फ इतनी नहीं है।
सरकारी एजेंसी नेडा की ओर से 75 वाट की लाइट, सोलर पैनल और बैटरी सहित 23350 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें एक हजार रुपये सर्विस चार्ज और इस पर 50 रुपये वैट भी शामिल हैं। साथ ही पांच साल की गारंटी और हर तीन माह में मेंटेनेंस की भी मुफ्त सुविधा मिलती है लेकिन निगम प्रशासन ने टेंडर निकालकर निजी कंपनी से 45 वाट की लाइट प्रति पीस 42 हजार 800 रुपये में खरीदी। लाइटों की खरीद में दोगुनी रकम खर्च की और उसका फायदा भी नहीं मिला। इतनी बड़ी गड़बड़ी होने के बावजूद किसी भी अफसर ने इस मुद्दे पर कार्रवाई तो दूर, पूछताछ भी नहीं की।
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अल्लापुर, सोहबतियाबाग, बैरहना, प्रीतमनगर, कीडगंज, मम्फोर्डगंज, मुट्ठीगंज सहित शहर के तमाम इलाकों में चौराहों पर अंधेरा छाया रहता है। वहां रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर निगम प्रशासन ने इन चौराहों पर एलईडी सोलर लाइटें लगवाई होतीं तो कई चौराहे रोशन हो जाते और अंधेरे के कारण हो रही आपराधिक घटनाओं एवं सड़क दुर्घटनाओं से भी लोगों को थोड़ी बहुत राहत मिलती।
नगम प्रशासन की इस कारस्तानी से सरकार को भी हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाईमास्ट जलने से बिजली का लंबा-चौड़ा बिल आ रहा है। अगर सोलर लाइटें जलाने के लिए चौराहों पर हाईमास्ट बंद कर दिए जाते हैं तो उन पर हुआ खर्च फिजूल साबित होगा। इसके अलावा सोलर लाइटें लगवाने में जो खर्च आया, वह भी बेकार गया।
एडीए भी पीछे नहीं
एडीए अपनी आवासीय योजनाओं और पार्कों में सोलर लाइटें लगवाने जा रहा है लेकिन कीमत के मामले में नगर निगम से भी एक कदम आगे निकल गया। एडीए 21 वॉट की एलईडी सोलर लाइट निजी कंपनी से 58 हजार 842 रुपये की दर से खरीदने जा रहा है, जबकि सरकारी एजेंसी नेडा इससे काफी कम कीमत पर सोलर लाइट उपलब्ध करा रही है।
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निगम प्रशासन ने तकरीबन 25 लाख 68 हजार रुपये की लागत से 45-45 वॉट की 60 एलईडी सोलर लाइटें खरीदीं। इनमें से 21 लाइटें लगवा दी गईं। सभी लाइटें ऐसे चौराहों पर लगवाई गईं, जहां पहले से हाईमास्ट लगे थे। निगम अफसरों ने इस बात पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया कि अगर रात के वक्त हाईमास्ट का प्रकाश सोलर लाइट के पैनल पर पड़ेगा तो तकनीकी कारणों से सोलर लाइटें नहीं जल सकेंगी। नतीजा कि सभी 21 लाइटें हमेशा बुझी रहती हैं। गड़बड़ी सिर्फ इतनी नहीं है।
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सरकारी एजेंसी नेडा की ओर से 75 वाट की लाइट, सोलर पैनल और बैटरी सहित 23350 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें एक हजार रुपये सर्विस चार्ज और इस पर 50 रुपये वैट भी शामिल हैं। साथ ही पांच साल की गारंटी और हर तीन माह में मेंटेनेंस की भी मुफ्त सुविधा मिलती है लेकिन निगम प्रशासन ने टेंडर निकालकर निजी कंपनी से 45 वाट की लाइट प्रति पीस 42 हजार 800 रुपये में खरीदी। लाइटों की खरीद में दोगुनी रकम खर्च की और उसका फायदा भी नहीं मिला। इतनी बड़ी गड़बड़ी होने के बावजूद किसी भी अफसर ने इस मुद्दे पर कार्रवाई तो दूर, पूछताछ भी नहीं की।
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अल्लापुर, सोहबतियाबाग, बैरहना, प्रीतमनगर, कीडगंज, मम्फोर्डगंज, मुट्ठीगंज सहित शहर के तमाम इलाकों में चौराहों पर अंधेरा छाया रहता है। वहां रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर निगम प्रशासन ने इन चौराहों पर एलईडी सोलर लाइटें लगवाई होतीं तो कई चौराहे रोशन हो जाते और अंधेरे के कारण हो रही आपराधिक घटनाओं एवं सड़क दुर्घटनाओं से भी लोगों को थोड़ी बहुत राहत मिलती।
नगम प्रशासन की इस कारस्तानी से सरकार को भी हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाईमास्ट जलने से बिजली का लंबा-चौड़ा बिल आ रहा है। अगर सोलर लाइटें जलाने के लिए चौराहों पर हाईमास्ट बंद कर दिए जाते हैं तो उन पर हुआ खर्च फिजूल साबित होगा। इसके अलावा सोलर लाइटें लगवाने में जो खर्च आया, वह भी बेकार गया।
एडीए भी पीछे नहीं
एडीए अपनी आवासीय योजनाओं और पार्कों में सोलर लाइटें लगवाने जा रहा है लेकिन कीमत के मामले में नगर निगम से भी एक कदम आगे निकल गया। एडीए 21 वॉट की एलईडी सोलर लाइट निजी कंपनी से 58 हजार 842 रुपये की दर से खरीदने जा रहा है, जबकि सरकारी एजेंसी नेडा इससे काफी कम कीमत पर सोलर लाइट उपलब्ध करा रही है।