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नैक ग्रेडिंग में इलाहाबाद विवि को झटका, ऐसी नहीं थी उम्मीद
Fri, 05 Apr 2019 12:50 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2019 12:50 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को दुर्दशा से उबारने का दावा करने वालों की नैक ग्रेडिंग ने पोल खोल दी। पिछले माह विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय दौरे पर आई नैक टीम ने इविवि को ‘बी डबल प्लस’ (B++) ग्रेड दिया है। पंद्रह साल पहले भी इविवि को यही ग्रेड मिला था। अफसरों को उम्मीद थी कि इस बार कुछ सुधार होगा लेकिन, ग्रेडिंग ने साबित कर दिया कि पंद्रह साल बाद भी इविवि में पठन-पाठन के माहौल में कोई सुधार नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने आठ अप्रैल 2004 में इविवि को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड दिया था। यह ग्रेड विश्वविद्यालय को पांच वर्षों के लिए दिया गया था लेकिन, 2008 के बाद इविवि की नैक ग्रेडिंग नहीं हुई। 15 साल बाद नैक की टीम ने पिछले माह 26 से 28 मार्च तक इविवि का दौरा किया। तीन दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद नैक की टीम ने इविवि को जो ग्रेड दिया, उससे इविवि प्रशासन को तगड़ा झटका लगा है। विश्वविद्यालय में सुधार के सभी दावे हवा हो गए और नैक टीम ने विश्वविद्यालय को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड दिया। विश्वविद्यालय के पास एक अप्रैल 2014 तक यही ग्रेडिंग रहेगी।
नैक ने अलग-अलग स्तर पर विश्वविद्यालय का मूल्यांकन किया और इसी आधार पर ग्रेडिंग तय की। छात्र कितने संतुष्ट हैं, नैक टीम ने इसका भी सर्वे किया और इसमें आधे अंक भी नहीं मिले। इसी तरह रिसर्च एवं फैकल्टी को कितना बढ़ावा मिला, इसके मूल्यांकन में भी इविवि फिसड्डी साबित हुआ। ई-लर्निंग रिसोर्स के रूप में लाइब्रेरी के मूल्यांकन भी विश्वविद्यालय की हालत काफी बदतर पाई गई। पाठ्यक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी मूल्यांकन हुआ और इसमें भी विश्वविद्यालय को काफी खराब अंक मिले। छात्रों के विजन एवं उनके नेतृत्व क्षमता के मूल्यांकन में भी स्थिति अच्छी नहीं रही।
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राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने आठ अप्रैल 2004 में इविवि को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड दिया था। यह ग्रेड विश्वविद्यालय को पांच वर्षों के लिए दिया गया था लेकिन, 2008 के बाद इविवि की नैक ग्रेडिंग नहीं हुई। 15 साल बाद नैक की टीम ने पिछले माह 26 से 28 मार्च तक इविवि का दौरा किया। तीन दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद नैक की टीम ने इविवि को जो ग्रेड दिया, उससे इविवि प्रशासन को तगड़ा झटका लगा है। विश्वविद्यालय में सुधार के सभी दावे हवा हो गए और नैक टीम ने विश्वविद्यालय को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड दिया। विश्वविद्यालय के पास एक अप्रैल 2014 तक यही ग्रेडिंग रहेगी।
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नैक ने अलग-अलग स्तर पर विश्वविद्यालय का मूल्यांकन किया और इसी आधार पर ग्रेडिंग तय की। छात्र कितने संतुष्ट हैं, नैक टीम ने इसका भी सर्वे किया और इसमें आधे अंक भी नहीं मिले। इसी तरह रिसर्च एवं फैकल्टी को कितना बढ़ावा मिला, इसके मूल्यांकन में भी इविवि फिसड्डी साबित हुआ। ई-लर्निंग रिसोर्स के रूप में लाइब्रेरी के मूल्यांकन भी विश्वविद्यालय की हालत काफी बदतर पाई गई। पाठ्यक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी मूल्यांकन हुआ और इसमें भी विश्वविद्यालय को काफी खराब अंक मिले। छात्रों के विजन एवं उनके नेतृत्व क्षमता के मूल्यांकन में भी स्थिति अच्छी नहीं रही।
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