फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   In the eyes of seven BHU of corruption case

बीएचयू में सात लोगों की आंख खराब होने का मामला

Sat, 02 Apr 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 02 Apr 2016 01:29 AM IST
विज्ञापन
In the eyes of seven BHU of corruption case
अदालत - फोटो : file
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गलत इलाज से सात मरीजों की आंख खराब होने के मामले में हाईकोर्ट ने कुलपति को निर्देश दिया है कि वह पीड़ितों का इलाज एसजीपीजीआई में कराएं। कोर्ट ने कहा कि यदि पीड़ित तैयार हों तो उनका इलाज पीजीआई में कराया जाए और इसका पूरा खर्च विश्वविद्यालय उठाएगा। यह भी साफ किया कि मरीजों के पीजीआई आने-जाने का खर्च भी बीएचयू ही उठाएगा। विधि छात्रा दीक्षा द्विवेदी और अन्य द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से इस मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन


इसके अलावा बीएचयू को निर्देश दिया है कि वह स्वतंत्र विशेषज्ञों की टीम से इस घटना की अलग से जांच कराएं। हालांकि कोर्ट को बताया गया कि बीएचयू ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी बना दी है जिसने अपनी रिपोर्ट भी दी है। इन सभी निर्देशों का पालन कर दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि इलाज के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।

विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में ‘अवेस्टीन’ नामक इंजेक्शन लगाने से सात मरीजों की आंख की रोशनी चली गई। इस घटना को लेकर काफी बवाल मचा था। बीएचयू ने घटना की जांच के लिए समिति गठित कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि आंख की रोशनी इंजेक्शन की वजह से जा सकती है। इंजेक्शन बेहद कम कीमत और क्वालिटी का था। बीएचयू के अधिवक्ता ने बताया कि पांच मरीजों की आंख इलाज के बाद अब ठीक हो रही है जबकि दो मरीज शंकर नेत्रालय चेन्नई में इलाज करा रहे हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 अप्रैल को प्रदेश सरकार और बीएचयू को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिका में अखबारों में प्रकाशित समाचारों को आधार बताते हुए कहा गया कि गरीब मरीजों को डॉक्टरों की लापरवाही से गलत इंजेक्शन लगाया गया, जिससे उनकी आंख खराब हो गई और अब उनका इलाज भी नहीं कराया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed