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कोर्ट ने जताई नाराजगी : दुष्कर्म के मामले में विवेचक ने नहीं कराया 164 का बयान, न्यायालय ने किया तलब

Fri, 14 Oct 2022 11:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Oct 2022 11:05 PM IST
सार

जिला न्यायालय केइस आदेश पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर विवेचक को पेश होने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश संतोष राय की पीठ के समक्ष हो रही है।

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In the case of Harassment the investigator did not make a statement of 164, the court summoned
court new - फोटो : istock

विस्तार

जिला न्यायालय इलाहाबाद ने खुल्दाबाद थानान्तर्गत दुष्कर्म पीड़िता का 164 का बयान न कराने पर विवेचक के खिलाफ नाराजगी जताई है। अदालत ने मामले में विवेचक को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है। विवेचक से पूछा है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में पीड़िता का बयान क्यों नहीं कराया गया है? बयान दर्ज न कराने पर क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

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जिला न्यायालय केइस आदेश पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर विवेचक को पेश होने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश संतोष राय की पीठ के समक्ष हो रही है। दुष्कर्म के आरोपी रमेश चंद्र जैसवार ने अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है।
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उसके खिलाफ खुल्दाबाद थाने में 26 अगस्त 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर लोकेंद्र त्रिपाठी कर रहे थे। उस समय उनकी खुल्दाबाद थाने में तैनाती थी। विवेचना केदौरान पीड़िता का सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज किया गया है लेकिन 164 का बयान नहीं दर्ज कराया गया। 

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पिछली सुनवाई पर जिला न्यायाधीश ने 164 का बयान दर्ज नहीं होने का कारण पूछा था लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल सका। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान इसका जवाब देने केलिए कहा था लेकिन विवेचक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने से अदालत ने विवेचक को अगली सुनवाई पर पेश होकर जवाब देने के लिए कहा है। 


अदालत ने पूछा है कि आखिर पीड़िता का 164 का बयान क्यों नहीं दर्ज कराया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तिथि तय करते हुए विवेचक को पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। अदालत के इस रूख को देखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर विवेचक को पेश होने केलिए कहा है।

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