Accident : प्रयागराज में 11 महीने में रफ्तार ने ली 460 लोगों की जान, सबसे ज्यादा हादसे झूंसी और कर्नलगंज में
चौंकाने वाली बात यह है कि हाईवे पर तो दुर्घटनाएं हो ही रही हैं। चौतरफा सीसीटीवी कैमरों से लैस शहर में भी इनकी संख्या कम नहीं है। आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि खतरनाक ढंग से वाहन चलाने से यहां हर दूसरे दिन एक हादसा हो रहा है।
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लखनऊ में बेकाबू रफ्तार से दौड़ती कार के एएसपी के बेटे को रौंदने की घटना बेहद चर्चा में है। हालांकि, रफ्तार की मार संगमनगरी में भी कम नहीं है। यहां जनवरी से अक्तूबर तक 1000 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं, जिनमें 460 लोग जान गंवा चुके हैं। शहरी क्षेत्र की बात करें तो झूंसी व कर्नलगंज में सबसे ज्यादा हादसे हुए। जनवरी से अब तक झूंसी में 39 तो कर्नलगंज में ऐसी 35 दुर्घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पूरामुफ्ती, दारागंज, जार्जटाउन व धूमनगंज का नंबर आता है जहां क्रमश: 27, 22, 19 व 18 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें से कुछ मामलों में आरोप पत्र दाखिल हुए तो अन्य में विवेचना जारी है।
चौंकाने वाली बात यह है कि हाईवे पर तो दुर्घटनाएं हो ही रही हैं। चौतरफा सीसीटीवी कैमरों से लैस शहर में भी इनकी संख्या कम नहीं है। आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि खतरनाक ढंग से वाहन चलाने से यहां हर दूसरे दिन एक हादसा हो रहा है। जनपद में राज्य व राष्ट्रीय दोनों तरह के राजमार्ग स्थित हैं। इन पर लगातार हादसे होते हैं। इनमें से अधिकांश हादसों में वजह खतरनाक ढंग से और अत्यधिक गति से वाहन चलाना होती है।
चिंता की बात यह है कि शहर में भी वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहरी क्षेत्र में जनवरी से लेकर अब तक लापरवाही से वाहन चलाने के चलते 214 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कुछ में लोगों की जान गई तो शेष में वह जख्मी हुए। यह वह मामले हैं,जिनमें लापरवाही से वाहन चलाकर दूसरे को क्षति पहुंचाने की शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं और इनमें मुकदमे दर्ज हुए।
तेज गति से वाहन चलाने में सिर्फ 18 चालान
बेकाबू रफ्तार में वाहन दौड़ाने पर कार्रवाई का भी प्रावधान है। अलग-अलग सड़कों पर अलग-अलग गति सीमा भी निर्धारित है। हालांकि, इसके बावजूद लोग ध्यान नहीं देते हैं। निर्धारित से अधिक गति से वाहन चलाने के मामले में जनवरी से लेकर अब तक जिले में महज 18 चालान हुए हैं। बता दें निर्धारित से अधिक गति में वाहन चलाने पर हल्के मोटरवाहनाें के लिए एक हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। यातायात निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि खतरनाक ढंग से वाहन चलाने में 223 चालान इस वर्ष किए जा चुके हैं। निर्धारित सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।