{"_id":"5e8e1d188ebc3e78b032c1b0","slug":"in-one-mistake-ssc-did-the-uneligible-from-the-second-term-exam-city-news-ald2729063136","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएससी ने एक गलती पर किया अयोग्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएससी ने एक गलती पर किया अयोग्य
विज्ञापन
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल)-2018 टियर-2 परीक्षा में एक गलती पर परीक्षार्थियों को यूएफएम (अनफेयर मींस) रूल के चलते पूरी चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इन अभ्यर्थियों को टियर-2 की परीक्षा में अयोग्य घोषित करते हुए फेल कर दिया गया। टियर-2 परीक्षा से बाहर हुए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने इससे पहले हुई टियर-1 की परीक्षा में अच्छे अंक लाने के साथ टियर-2 में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। कॉपी सही तरीके से सवाल हल करने के बाद भी उन्हें यूएफएम रूल के चलते परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया। बाहर हुए परीक्षार्थियों ने ट्विटर के जरिए प्रधानमंत्री, एसएससी चेयरमैन सहित केंद्रीय मंत्रियों से गुहार लगाई है।
सीएचएसएल टियर-2 में डिस्क्रिप्टिव पेपर में पत्र लिखने को कहा गया था। पत्र के अंत में कई परीक्षार्थियों ने काल्पनिक नाम (एक्स, वाई, जेड) और पता (123) लिख दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की ओर से इस प्रकार नाम और पता लिखे जाने के बाद एसएससी ने इन परीक्षार्थियों को यूएफएम (अनफेयर मींस) में रखकर परीक्षा में असफल घोषित कर दिया।
यूएफएम का मतलब होता है परीक्षा में गलत संसाधनों का प्रयोग करना। सीएचएसएल में आपने कितना भी अच्छा प्रदर्शन किया हो, अगर आपने एसएससी के नियमों का पालन नहीं किया तो आपको परीक्षा में जीरो नंबर दिए जाते हैं। सीएचएसएल की टियर-2 परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के साथ भी हुआ। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी हजारों उम्मीदवारों को फेल कर दिया गया। सीएचएसएल टियर-2 परीक्षा का परिणाम 25 फरवरी को घोषित किया गया।
विज्ञापन
परिणाम के बाद अंक जारी हुआ तो परीक्षार्थियों को अपनी गलती का पता चला। पता चलने पर टियर-2 की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी सोशल साइट्स ट्विटर पर अपनी परेशानी एसएससी चेयरमैन से साझा कर रहे हैं। परीक्षा से बाहर अभ्यर्थियों अजीत कुमार, पीयूष मिश्र, रेखा तिवारी सहित दूसरे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे।
विज्ञापन
सीएचएसएल टियर-2 में डिस्क्रिप्टिव पेपर में पत्र लिखने को कहा गया था। पत्र के अंत में कई परीक्षार्थियों ने काल्पनिक नाम (एक्स, वाई, जेड) और पता (123) लिख दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की ओर से इस प्रकार नाम और पता लिखे जाने के बाद एसएससी ने इन परीक्षार्थियों को यूएफएम (अनफेयर मींस) में रखकर परीक्षा में असफल घोषित कर दिया।
विज्ञापन
यूएफएम का मतलब होता है परीक्षा में गलत संसाधनों का प्रयोग करना। सीएचएसएल में आपने कितना भी अच्छा प्रदर्शन किया हो, अगर आपने एसएससी के नियमों का पालन नहीं किया तो आपको परीक्षा में जीरो नंबर दिए जाते हैं। सीएचएसएल की टियर-2 परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के साथ भी हुआ। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी हजारों उम्मीदवारों को फेल कर दिया गया। सीएचएसएल टियर-2 परीक्षा का परिणाम 25 फरवरी को घोषित किया गया।
विज्ञापन
परिणाम के बाद अंक जारी हुआ तो परीक्षार्थियों को अपनी गलती का पता चला। पता चलने पर टियर-2 की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी सोशल साइट्स ट्विटर पर अपनी परेशानी एसएससी चेयरमैन से साझा कर रहे हैं। परीक्षा से बाहर अभ्यर्थियों अजीत कुमार, पीयूष मिश्र, रेखा तिवारी सहित दूसरे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे।