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क्रॉस कंट्री में हंगामा, पुलिस ने भांजी लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 20 Nov 2016 02:14 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन के 32वें संस्करण में शनिवार को हुई क्रॉस कंट्री के धावकों ने खूब हंगामा किया। क्रॉस कंट्री में शामिल धावकों ने आरोप लगाया कि मैराथन के आयोजक मनमानी कर रहे हैं। नाराज धावकों ने मेयोहाल चौराहे पर इंदिरा मैराथन रोकने का भी प्रयास किया। यहां आयोजकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। धावकों ने वहां वाहनों को भी रोक लिया। इससे जाम की स्थिति हो गई। मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठियां भांजते हुए धावकों को खदेड़ दिया। इससे कुछ धावक घायल भी हुए। कुछ को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया।
इंदिरा मैराथन में हर साल क्रॉस कंट्री रेस का भी आयोजन होता है। आनंद भवन से सुबह हजारों की संख्या में क्रॉस कंट्री रेस में दौड़ने के लिए 18 से 25 वर्ष तक के धावक पहुंचे। साढ़े छह बजे इंदिरा मैराथन शुरू होने के बाद क्रॉस कंट्री रेस शुरू हुई। आठ किलोमीटर की यह दौड़ विश्वविद्यालय, तेलियरगंज, स्टेनली रोड से होकर मेयोहाल पहुंचकर समाप्त होनी थी। मेयोहाल पहुंचे काफी धावकों ने आरोप लगाया कि क्रॉस कंट्री के रास्ते में कई धावक पहले से मौजूद थे। इसके अलावा बहुत से धावक वालंटियर की बाइक पर भी सवार थे। रेस खत्म होने के कुछ पहले यह सभी दौड़ में शामिल हो गए। आरोप है कि इनमें से कुछ विजयी भी घोषित कर दिए।
मेयोहाल चौराहे पहुंचने के बाद वहां विजयी धावकों को देखकर रेस में दौड़ने वाले तमाम धावक भड़क गए। यहां आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई। बहुत सी महिला धावकोें ने भी आरोप लगाया कि रेस में जो धाविकाएं दौड़ी नहीं है वे समाप्ति स्थल तक पहले कैसे पहुंच गई। यहां धावकों ने बड़े वाहनों को रोक लिया। ताकि जाम लग जाए। इस बीच सूचना पाकर सीओ सिविल लाइंस भी मौके पर पहुंच गए। पहले धावकों को समझाने का प्रयास किया गया। बाद में पुलिस ने सभी को लाठी भांजकर खदेड़ दिया। इससे कुछ धावक चुटहिल भी हो गए। चुटहिल होने वालों में कानपुर के रोहन, प्रतापगढ़ के रामकुमार, सुल्तानपुर के राहुल कुमार आदि रहे। यहां पुलिस ने कुछ धावकों को हिरासत में भी लिया।
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क्रॉस कंट्री रेस में शिरकत करने पहुंची डीपी गर्ल्स इंटर कालेज की छात्रा रीतू मिश्र, दिव्या वर्मा, स्वेच्छा शुक्ला, पूर्णिमा महेंद्र, काजल गुपता, श्रृष्टि यादव आदि ने कहा कि उन्होंने रेस पूरी की, लेकिन मेयोहाल चौराहे पर आयोजकों की ओर से उनकी रेस पूरी होने की इंट्री नहीं की गई। इन छात्राओं ने आरोप लगाया कि महिला क्रॉस कंट्री के पहले दस धावकों में उनका स्थान आया है, लेकिन वहां पहले ही किसी और को विजयी बता दिया गया।
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इंदिरा मैराथन में हर साल क्रॉस कंट्री रेस का भी आयोजन होता है। आनंद भवन से सुबह हजारों की संख्या में क्रॉस कंट्री रेस में दौड़ने के लिए 18 से 25 वर्ष तक के धावक पहुंचे। साढ़े छह बजे इंदिरा मैराथन शुरू होने के बाद क्रॉस कंट्री रेस शुरू हुई। आठ किलोमीटर की यह दौड़ विश्वविद्यालय, तेलियरगंज, स्टेनली रोड से होकर मेयोहाल पहुंचकर समाप्त होनी थी। मेयोहाल पहुंचे काफी धावकों ने आरोप लगाया कि क्रॉस कंट्री के रास्ते में कई धावक पहले से मौजूद थे। इसके अलावा बहुत से धावक वालंटियर की बाइक पर भी सवार थे। रेस खत्म होने के कुछ पहले यह सभी दौड़ में शामिल हो गए। आरोप है कि इनमें से कुछ विजयी भी घोषित कर दिए।
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मेयोहाल चौराहे पहुंचने के बाद वहां विजयी धावकों को देखकर रेस में दौड़ने वाले तमाम धावक भड़क गए। यहां आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई। बहुत सी महिला धावकोें ने भी आरोप लगाया कि रेस में जो धाविकाएं दौड़ी नहीं है वे समाप्ति स्थल तक पहले कैसे पहुंच गई। यहां धावकों ने बड़े वाहनों को रोक लिया। ताकि जाम लग जाए। इस बीच सूचना पाकर सीओ सिविल लाइंस भी मौके पर पहुंच गए। पहले धावकों को समझाने का प्रयास किया गया। बाद में पुलिस ने सभी को लाठी भांजकर खदेड़ दिया। इससे कुछ धावक चुटहिल भी हो गए। चुटहिल होने वालों में कानपुर के रोहन, प्रतापगढ़ के रामकुमार, सुल्तानपुर के राहुल कुमार आदि रहे। यहां पुलिस ने कुछ धावकों को हिरासत में भी लिया।
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क्रॉस कंट्री रेस में शिरकत करने पहुंची डीपी गर्ल्स इंटर कालेज की छात्रा रीतू मिश्र, दिव्या वर्मा, स्वेच्छा शुक्ला, पूर्णिमा महेंद्र, काजल गुपता, श्रृष्टि यादव आदि ने कहा कि उन्होंने रेस पूरी की, लेकिन मेयोहाल चौराहे पर आयोजकों की ओर से उनकी रेस पूरी होने की इंट्री नहीं की गई। इन छात्राओं ने आरोप लगाया कि महिला क्रॉस कंट्री के पहले दस धावकों में उनका स्थान आया है, लेकिन वहां पहले ही किसी और को विजयी बता दिया गया।