Prayagraj मेला क्षेत्र में आग लगने पर केवल दो मिनट में पहुंचेंगे दमकलकर्मी, बनेंगे दो हजार से अधिक फायर स्टेशन
आग लगने पर मात्र दो मिनट में दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचेंगी और आग पर काबू पाने का प्रयास करेंगी। महाकुंभ के नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि इस बार महाकुंभ को जीरो फायर इंसिडेंट बनाने का पूरा प्रयास किया गया है। इसमें 200 स्पेशल ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया जा रहा है।
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महाकुंभ मेला क्षेत्र को फायर फ्री जोन बनाया जाएगा। इसके लिए अग्निशमन विभाग ने मैनपावर और स्पेशल फायर वाहनाें की संख्या में भारी वृद्धि की है, साथ ही अत्याधुनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। आग लगने पर मात्र दो मिनट में दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचेंगी और आग पर काबू पाने का प्रयास करेंगी। महाकुंभ के नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि इस बार महाकुंभ को जीरो फायर इंसिडेंट बनाने का पूरा प्रयास किया गया है। इसमें 200 स्पेशल ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया जा रहा है।
अखाड़ों में आग की घटनाओं को काबू करने के लिए 5000 स्पेशल फायर एक्सटिंग्विशर दिए गए हैं। मेले में बड़ी संख्या में एआई लाइसेंस वाले फायर डिटेक्शन कैमरे भी लगाए जाएंगे। यह कैमरे भी पहली बार उपयोग में लाए जा रहे हैं जो आग की घटनाओं पर नजर रखेंगे और यदि कहीं इस तरह की घटना होती है तो तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से फायर स्टेशन को सूचना मिल सकेगी।
हर सेक्टर में तैनात होंगे दमकलकर्मी
वर्ष 2019 कुंभ की तुलना में इस बार अधिक मैनपावर और वाहन होंगे। वर्ष 2019 में 43 फायर स्टेशन थे, जबकि इस बार 50 फायर स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसी तरह 2019 के 15 फायर पोस्ट की जगह 20 फायर पोस्ट बनाई जा रही है। 43 की तुलना में 50 फायर वाच टावर होंगे, जबकि 4200 की जगह 7000 से अधिक फायर हाइड्रेंट्स लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 75 की जगह इस बार 150 से ज्यादा फायर रिजर्व वाटर टैंक्स को उपयोग किया जाएगा।
वर्ष 2019 में 1551 कर्मी थे, इस बार 2071 कर दी गई है। इसी तरह वर्ष 2019 में 166 वाहनों की संख्या दोगुनी कर 351 कर दी गई है। वहीं, एक्सटर्नल ऑडिट के लिए उत्तराखंड फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और नेशनल फायर सर्विस कॉलेज नागपुर के साथ एमओयू किया गया है।
महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को पीएम मोदी के दूत प्रयागराज पहुंचे। प्रधानमंत्री कार्यालय के उपसचिव मंगेश घिल्डियाल के नेतृत्व में पहुंची चार सदस्यीय टीम ने सबसे पहले रेलवे की तैयारी का जायजा लिया।