हिंदुस्तानी भाषा के प्रचार में एकेडमी का योगदान अहम
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कार्यक्रम अध्यक्ष एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष हरिमोहन मालवीय ने कहा कि एकेडमी साहित्य प्रेमियों के अनुराग से चलती है। साहित्यकारों ने जो प्रेम और सहयोग दिया है उससे एकेडमी आगे बढ़ी है। प्रो. अमर सिंह ने भी एकेडमी के क्रियाकलापों की चर्चा की। इस मौके पर एकेडमी की त्रैमासिक पत्रिका ‘आचार्य अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध’ विशेषांक का विमोचन किया गया।
रस-रंग के तहत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कृति सिंह- निखिल श्रीवास्तव ने विष्णु वंदना, कथक की प्रस्तुति दी। अमित कुमार जायसवाल- नितिन कुमार श्रीवास्तव के युगल गीत को खूब पसंद किया गया। आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, प्रीति श्रीवास्तव एवं जितेंद्र नाथ तिवारी ने गणेश वंदना, गीत, गजल, मधुशाला की रूबाइयों, होली गीत और लोकगीत की मन भावन प्रस्तुति दी। एकेडमी सचिव बृजेश ने कहा कि पुरस्कार से धन जुड़ा होता है और सम्मान से मन जुड़ा होता है, इसलिए एकेडमी ने वरिष्ठजनों को सम्मानित करने का निर्णय लिया। कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रकाश मिश्र, अशोक त्रिपाठी, तलब जौनपुरी, जेएन यादव, कृष्णेश्वर डींगर, दयाशंकर पांडेय, प्रदीप तिवारी, कैलाश नाथ पांडेय समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
हिंदुस्तानी एकेडेमी के वार्षिकोत्सव में साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्रम देकर मंडलायुक्त ने सम्मानित किया गया। जिसमें प्रो. हरिदत्त शर्मा, प्रो. उमेश चंद्र चट्टोपाध्याय, एमए कदीर, शैलेंद्र कपिल, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव देवेश, त्रिवेणीदत्त शुक्ला, श्रीराम लखन शुक्ल, डॉ. यास्मीन सुल्ताना नकवी, डॉ. शांति चौधरी, सागर हाशियारपुरी, शरीफ इलाहाबादी, मुनेंद्र नाथ श्रीवास्तव, राजाराम शुक्ल शामिल रहे।